बैंक के उधार मानदंड

Bank's Lending Criteria

अल्पावधि ऋण के लिए कोई मानक मानदंड नहीं है। बैंक और अन्य ऋणदाता अपने-अपने आंतरिक नियम बनाते हैं। तथापि, सभी वित्तीय संस्थाएँ अपने-अपने राष्ट्रीय वित्तीय प्राधिकारियों (उदाहरण के लिए, केंद्रीय बैंक) द्वारा स्थापित सामान्य विनियमों एवं दिशानिर्देशों से बंधी होती हैं। अनेक देशों में सामान्यत: प्रति ग्राहक एक उधार सीमा होती है, जो संस्था की शेयरधारक निधियों के 25% पर निर्धारित होती है। साथ ही, प्राय:, एक सामान्य नियम के अनुसार, ऋणदाता अपने ऋण संविभाग (ग्राहकों से प्राप्त  जमाराशियों और उधार ली गई राशियों) के कतिपय प्रतिशत से अधिक ऋम नहीं देते हैं। यह प्रतिशत अक्सर लगभग 75% होता है। कभी-कभी बैंक उधारकर्ताओं को सुविधा उपलब्ध न दिए जाने के बहाने के रूप में अपने उधार मानदंड या सांविधिक विनियमों का हवाला देते हैं।     

इस बारे में ज्यादा कुछ नहीं किया जा सकता है और किसी भी तरह, अनिच्छुक ऋणदाता से उधार लेना बुद्धिमत्ता नहीं होगा।

यदि आप निम्नलिखित उधार मानदंड पूरे कर सकते हैं, तो आपका अल्पावधि ऋण का अनुरोध सफल होने के ज्यादा अवसर होंगे :

अच्छा नक़दी प्रवाह

उधारकर्ता के रूप में, आपको यह अनिवार्यत: प्रदर्शित करना चाहिए कि आपका कार्यनिष्पादन सकारात्मक है और यह भी कि परिचालन न केवल लाभप्रद हैं, बल्कि उससे सभी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त नक़दी भी प्राप्त होती है।

 पर्याप्त शेयरधारक निधियाँ

दूसरे शब्दों में, अन्य ऋणदाताओं के प्रति पहले से आपकी अत्यधिक प्रतिबद्धता नहीं होनी चाहिए, बल्कि आपके व्यवसाय में आपकी पूँजी का तर्कसंगत अनुपात होना चाहिए।

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पर्याप्त प्रतिभूति

यदि आपकी सभी आस्तियाँ दूसरे ऋणदाताओं के पास पहले से गिरवी रखी हैं, तो बैंक से आपको ऋण नहीं मिलेगा।

व्यापार का अनुभव

अधिकतर संस्थाएँ आपके सफल व्यापार की अच्छी पृष्ठभूमि के बारे में जानना चाहती हैं।  यदि आप पूरी तरह से नए हैं, या किसी नए उत्पाद के साथ, किन्हीं ऐसे देशों के अपरिचित ग्राहकों या आपूर्तिकर्ताओं के साथ, जिनसे पहले आपने कोई संव्यवहार नहीं किया है, कोई बिल्कुल नई व्यापार गतिविधि शुरू कर रहे हैं, तो किसी भी बैंकर को उधार देने के लिए राजी करना कठिन होता है।

अच्छी प्रतिष्ठा

आपके द्वारा दिए गए संदर्भ और परिचय संबंधी विवरण ऋणदाता को स्वीकार्य होने चाहिए। किसी दिवालिया कंपनी या ज्ञात धोकेबाज़ को अग्रिम के अनुमोदन लिए अपनी ऋण समिति या निदेशक मंडल को राजी करना उनके लिए निस्संदेह कठिन होगा। किंतु, यदि यह मान भी लिया जाए कि आपकी पृष्ठभूमि/अतीत बेदाग़ है, तो भी किसी प्रतिष्ठित प्रायोजक का समर्थन होना आपके लिए सहायक होगा। वह व्यापारी-वर्ग, व्यापार संघ या यहाँ तक की आपका ग्राहक या आपूर्तिकर्ता में से कोई सुप्रसिद्ध व्यक्ति हो सकता है।

विशेष प्रयोजन

यद्यपि कुछ ऋणदाता आपकी प्रस्तावित प्रतिभूति के आधार पर अधिविकर्ष (ओवरड्राफ़्ट) की सुविधा प्रदान करते हैं, किंतु अधिकतर संस्थाएँ अपने ऋण को विशिष्ट संव्यवहारों से संबद्ध रखने को प्राथमिकता देती हैं। संव्यवहारों के बारे में पूरा विवरण देते हुए जानकारी दी जानी चाहिए और प्रदर्शित किया जाना चाहिए कि वे लाभप्रद और स्वयं  परिसमापनशील हैं (उधार ली गई राशि की चुकौती वित्तपोषित किए जाने वाले संव्यवहारों के प्रतिफल से की जाएगी)।

स्रोत: इंटरनेशनल ट्रेड सेन्टर (जेनेवा) और सिडबी के संयुक्त प्रकाशन – ‘’हाउ टू एप्रोच बैंक्स इन इंडिया’’ 2002 का उद्धरण

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