स्वच्छ उत्पादन

Clean Production

  

पहले, उत्पादन के पर्यावरण पर प्रभाव पर चिंता निम्न रूपों में दिखाई देती थी, या तो :
• प्रदूषण को हल्का करने या उसे फैलाने के रूप में, ताकि उसके प्रभाव को कम हानिकारक या कम स्पष्ट बनाया जा सके, या
• प्रदूषण और अपशिष्ट नियंत्रण (तथाकथित एंड-ऑफ-पाइप (ईओपी) या प्रदूषण नियंत्रण दृष्टिकोण);
 
'स्वच्छतर उत्पादन' पर्यावरण संरक्षण बारे में सक्रिय होना है. इसका आशय प्रक्रियाओं, उत्पादों और सेवाओं में ऐसी निवारक पर्यावरण रणनीति अपनाने से है जिससे उनकी समग्र दक्षता बढ़े और मानव जाति तथा पर्यावरण के लिए जोखिम को कम किया जा सके (यूएनईपी परिभाषा). यह उत्पादन पैटर्न को बदलने से संबंधित  है जिसमें प्रदूषण और अपशिष्ट को स्रोत पर ही रोकने और कच्चे माल व ऊर्जा का उपयोग कम करने के उपाय शामिल हैं. यह अक्सर महंगी ईओपी नियंत्रण सुविधाओं को स्थापित करने व संचालित करने की आवश्यकता को कम कर देता है.


 
•उत्पादन प्रक्रियाओं के लिए , स्वच्छतर उत्पादन में, कच्चे माल और ऊर्जा का संरक्षण, विषाक्त /खतरनाक प्रसंस्करण सामग्री के स्थान पर अधिक सौम्य सामग्री का उपयोग और/या सभी उत्सर्जनों और अपशिष्टों की विषाक्तता की मात्रा को उनके उत्पादन प्रक्रिया को छोड़ने से पहले ही कम करना शामिल है,


•उत्पादों के लिए , यह दृष्टिकोण उचित डिजाइन द्वारा, उस उत्पाद के पूरे जीवन चक्र के दौरान, अर्थात कच्चे माल की प्राप्ति से लेकर उत्पाद के अंतिम निपटान तक उसके पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने पर केंद्रित है.
•सेवाओं के लिए , स्वच्छतर उत्पादन, डिजाइन और सेवाओं की आपूर्ति में पर्यावरण संबंधी चिंताओं को शामिल करने की जरूरत पर जोर देता है.


स्वच्छतर उत्पादन पर एक संक्षिप्त प्रस्तुति के लिए यहाँ क्लिक करें
स्वच्छतर उत्पादन क्या है इसपर कुछ उदाहरणों के लिए यहाँ क्लिक करें
 
स्वच्छतर उत्पादन के लाभ
 
कुल परिचालन लागत में कमी


स्वच्छतर उत्पादन, कच्चे माल , ऊर्जा और पानी की खपत को कम करने तथा अपशिष्ट बनने में कमी लाने में मदद करता है. जिसके परिणामस्वरूप, लागत में कमी आने की संभावना रहती है, कभी-कभी तो काफी मात्रा में. पर्यावरण संरक्षण अब एक अतिरिक्त लागत नहीं रह गया है . इसके विपरीत,  इससे निविष्टि सामग्रियों, जैसे, कच्चे माल और ऊर्जा की लागत में  कमी  और अपशिष्ट निपटान की लागत में  कमी  के कारण, प्राथमिक गतिविधि की समग्र लागत कम हो जाती है. अपशिष्ट से बचाव, पैसे बचाता है, क्योंकि यह अपशिष्ट के प्रसंस्करण और/या निपटान की लागत तथा कच्चे माल या सेवाओं की बर्बादी, दोनों से बचाव करता है. कुछ स्वच्छतर उत्पादन परियोजनाएं मूल्यवान उपोत्पाद पैदा करती हैं , जिनको उपयोग में लाया या बेचा जा सकता है, इस प्रकार इस दृष्टिकोण का आर्थिक लाभ बढ़ाने का पहलू भी है.


पर्यावरण स्थिति में सुधार


स्वच्छतर उत्पादन कार्यान्वयन निरंतर पर्यावरण सुधार सुनिश्चित करता है, जो सतत विकास प्रक्रिया का एक आवश्यक घटक है. एकल-पर्यावरण सुधार या परिवर्तन उतना महत्वपूर्ण नहीं है जितना कि इस तथ्य को पहचानना कि हर गतिविधि में हमेशा पर्यावरण प्रदर्शन में और सुधार के लिए संभावनाएं छुपी हुई हैं.

प्रतियोगी लाभ प्राप्त करना


नई और बेहतर तकनीकों के उपयोग से कंपनियों की प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ती है. पर्यावरण के प्रति सचेत खरीदारों की बढ़ती संख्या के करण , अच्छी पर्यावरण प्रथाओं और उत्पादों वाली कंपनियों को बाजार का लाभ मिलता है.

उत्पादकता में वृद्धि, उत्पाद और प्रक्रिया में सुधार


स्वच्छतर उत्पादन दृष्टिकोण अपनाने से कंपनी के संचालन की दक्षता और उत्पादकता में कई प्रकारों से सुधार हुए हैं. इनमें से कुछ लाभों को यहाँ शामिल किया गया है:


• मानवशक्ति और भौतिक संसाधनों का अधिक कुशल उपयोग
• कार्यक्रमों और बजट में ज्यादा निश्चितता
• बेहतर कार्य स्थितियां
•कानूनी देयताओं में कमी

उन्नत कार्यस्थल गुणवत्ता
स्वच्छतर उत्पादन कार्यान्वयन प्रदूषण और विषाक्त पदार्थों के जोखिम को कम कर, कर्मचारियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा में सुधार करता है.

बेहतर मीडिया और सार्वजनिक प्रोफ़ाइल


मीडिया किसी कंपनी की सार्वजनिक छवि को निर्धारित करने में एक निर्णायक भूमिका निभा सकता है. एक प्रतिकूल मीडिया रिपोर्ट वर्षों से बनाई हुई प्रतिष्ठा को तुरन्त नुकसान पहुंचा सकती है. पर्यावरण के मुद्दों पर आम लोगों की बढ़ती हुई रुचि के साथ,  कई गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) प्रदूषकों के खिलाफ प्रहरियों और मुखबिरों की भूमिका अदा कर उच्च प्रोफ़ाइल का लाभ पा रहे हैं. स्वच्छतर उत्पादन, पर्यावरण प्रबंधन के प्रति एक सक्रिय सकारात्मक दृष्टिकोण होने के कारण पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी को दर्शाता है और कंपनी में, गैर-सरकारी संगठनों, दबाव समूहों और मीडिया के विश्वास को बढ़ावा देता है.

पर्यावरणीय विनियमों का बेहतर अनुपालन
अपशिष्ट (तरल, ठोस या गैसीय) के निर्वहन के लिए नियामक मानक लगातार कड़े होते जा रहे हैं. इन मानकों को पूरा करने में अक्सर महंगी और जटिल प्रदूषण नियंत्रण प्रणालियों की स्थापना की आवश्यकता पड़ती है. स्वच्छतर उत्पादन शेष अपशिष्ट का शोधन करता है और इस तरह निर्वहन मानकों का आसान, सरल और सस्ते तरीके से अनुपालन करता है,  जिससे अधिक प्रतिबंध और रोक लगाने की जरूरत कम पड़ती है.
 
वैश्विक स्वच्छतर उत्पादन पहलें
 
एनसीपीसी की उत्पत्ति


टिकाऊ विकास को प्राप्त करने की कुंजी उन उत्पादन प्रक्रियाओं में सुधार करना है जो संसाधनों को बेकार करती हैं और हमारे पारिस्थितिकी तंत्र की अवशोषण क्षमता से अधिक प्रदूषण का उत्सर्जन करती हैं. इसी परिवर्तन के लिए यूएनईपी ने 1989 में अपने स्वच्छतर उत्पादन कार्यक्रम की स्थापना की. जिसका उद्देश्य स्रोत पर प्रदूषण को रोकना और कच्ची सामग्री (पानी और ऊर्जा सहित) के अधिक कुशल प्रबंधन को बढ़ावा देना है. एक समय, स्वच्छतर उत्पादन दुनिया भर में आगे की सोच रखनेवाले लोगों के एक छोटे समूह के द्वारा सोची गई एक बेहद अप्रचलित अवधारणा थी, जिसे शायद ही कोई जानता था. केवल दो वर्ष बाद 1992 में रियो डी जनेरियो में पृथ्वी शिखर सम्मेलन में, स्वच्छतर उत्पादन, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित और एजेंडा 21 में शामिल पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास की दोहरी जरूरतों के संतुलन में एक पसंदीदा रणनीति का विषय बन चुका था. तब से, बड़ी कंपनियों की अच्छे पर्यावरण प्रबंधन प्रथाओं में स्वच्छतर उत्पादन की अवधारणा को एकीकृत किया गया है और उससे होनेवाली आर्थिक बचत और लाभ प्रलेखित किए जा रहे हैं.

हालांकि, यह जल्द ही स्पष्ट हो गया है कि इस दिशा में किए गए अध्ययन और अनुभव विकासशील देशों और संक्रमण के दौर से गुजर रही अर्थव्यवस्थाओं में उत्पादन प्रथाओं में परिवर्तन के लिए पर्याप्त नहीं थे. चुनौती अभी भी छोटे और मध्यम आकार की कंपनियों के मामले में अधिक है, जिनको प्रभावी पर्यावरण संरक्षण रणनीति, जो आर्थिक रूप से आकर्षक है, को अपनाने में शायद सबसे अधिक लाभ हैं. स्वच्छतर उत्पादन, आर्थिक और पर्यावरणीय लाभ एक साथ देता है इस बात को प्रदर्शित करने के लिए स्थानीय विशेषज्ञता और स्वदेशी क्षमता की जरूरत पहले से कहीं ज्यादा महसूस की जा रही है. जरूरत थी शुरूआत करनेवाली कंपनियों को तकनीकी और वित्तीय सहायता देने की. अत: यूएनईपी और यूनिडो, जो सक्रिय भागीदारी में काम कर रहे हैं,के नेतृत्व में "राष्ट्रीय स्वच्छतर उत्पादन केंद्रों-(नेशनल क्लीनर प्रोडक्शन सेंटर्स -एनसीपीसी)" की स्थापना की गई और उम्मीद की गई कि इसे एक मॉडल के रूप में अन्य देशों द्वारा भी दोहराया जाएगा. एनसीपीसी ने बड़ी सफलता साबित की है. कई देशों से इस प्रक्रिया में मदद के लिए अनुरोध के साथ स्वयं अपने राष्ट्रीय स्वच्छतर उत्पादन केंद्रों की स्थापना के लिए उत्सुकता बढ़ रही है. इसके अलावा, एक बार स्थापित होने के बाद  केंद्र  की उम्मीदें और जरूरतें भी तेजी से बढ़ रही हैं.


दुनिया भर में चल रहे एनसीपीसी  कार्यक्रमों के बारे में पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
 
संसाधन कुशल और स्वच्छतर उत्पादन की शुरुआत (आरईसीपी) पहल


वर्ष 2008 में दुनिया भर की एनसीपीसीज का मूल्यांकन किया गया. जिसका उद्देश्य संसाधन कुशल और स्वच्छतर उत्पादन अपनाने के लिए कार्यक्रम दृष्टिकोण के माध्यम से प्रदान की जा रही सहायता को और अधिक सशक्त बनाने की जरूरत को रेखांकित करना था. 2009 में, यूएनईपी और यूनिडो ने नए संयुक्त संसाधन कुशल और स्वच्छतर उत्पादन (आरईसीपी) कार्यक्रम शुरू किया है जो एनसीपीसीज / एनसीपीपीज के साथ सहयोग और उनके समर्थन के लिए रूपरेखा प्रदान करता है.

आरईसीपी पहलों के बारे में पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
 
भारत में स्वच्छ उत्पादन पहल


भारत में, उद्योग मंत्रालय से जुड़ी एक स्वायत्त संस्था, राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद (एनपीसी) ने एनसीपीसी इंडिया के लिए मेजबान संस्था के रूप में काम किया. एनसीपीसी ने भारत में कर्नाटक, गुजरात, पंजाब और पश्चिम बंगाल में चार घरेलू वित्त पोषित क्षेत्रीय केंद्रों की स्थापना में मदद की.
 

इन एनसीपीसीज की स्थापना का उद्देश्य था:


• स्वच्छतर उत्पादन पर जागरूकता पैदा करना,
• स्वच्छतर उत्पादन मूल्यांकन और क्रियान्वयन पर औद्योगिक कर्मियों के लिए लागत प्रभावी प्रशिक्षण प्रदान करना,
• विभिन्न समूहों में स्वच्छतर उत्पादन आकलन परियोजनाओं का आयोजन व संचालन.
• स्वच्छतर उत्पादन पर विशेषज्ञता विकसित करने के लिए परामर्श और सलाहकार सेवाएं प्रदान करना,
• स्वच्छतर उत्पादन पर मुख्यत: स्थानीय भाषा में दिशा निर्देशों और मैनुअल तैयार करना ,

• गुजरात के विभिन्न उद्योगों में स्वच्छतर प्रौद्योगिकी आकलन परियोजनाओं का संचालन करना,
• सीपी / सीटी को बढ़ावा देने के लिए नीति तैयार करने में सरकार की सहायता करना,
 
गुजरात स्वच्छतर उत्पादन केंद्र (जीसीपीसी)


अगस्त 1998 में, राष्ट्रीय स्वच्छतर उत्पादन (एनसीपीसी) केंद्र, नई दिल्ली और संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय विकास संगठन (यूनिडो) की तकनीकी सहायता से जीसीपीसी की स्थापना की गई थी. जीसीपीसी,  भारत में स्थित चार क्षेत्रीय स्वच्छतर उत्पादन केंद्रों में से एक है. जीसीपीसी अब सोसायटी और ट्रस्ट अधिनियम के तहत पंजीकृत सोसायटी है.


जीसीपीसीज की  गतिविधियों में निम्नलिखित शामिल हैं:
• स्वच्छतर उत्पादन के क्षेत्र में अभिमुखीकरण, प्रसार और प्रशिक्षण कार्यक्रम
• स्वच्छतर उत्पादन आकलन परियोजनाएं
• ऊर्जा दक्षता पर जागरूकता कार्यक्रम
• उद्योगों को परियोजना के डिजाइन दस्तावेज़ (पीडीडी) के विकास और सीडीएम परियोजनाओं के लिए मनोनीत राष्ट्रीय प्राधिकरण (डीएनए) से मंजूरी मिलने में सलाह

 

 जीसीपीसी, और वे एमएसएमई को कैसे मदद कर सकते हैं, के बारे में अधिक जानने के लिए यहाँ क्लिक करें
 
 

विभिन्न पहलों के तहत स्वच्छतर उत्पादन के लिए उद्योगवार संसाधन
 
संसाधन कुशल और स्वच्छतर उत्पादन (आरईसीपी) पहल


स्वच्छतर उत्पादन आकलन अध्ययन: स्वच्छतर उत्पादन, अपशिष्ट को न्यूनतम करने के लिए उनको पहचानने , आकलन करने व विकल्पों खोजने के लिए एक व्यवस्थित और नियोजित प्रक्रिया है. स्वच्छतर उत्पादन विकल्प (सीपी) का कार्यान्वयन मुनाफा बढ़ाएगा ,साथ ही, अंत पाइप प्रदूषण नियंत्रण की जरूरत भी कम हो जाएगी.
मछली प्रसंस्करण
मांस प्रसंस्करण
चर्मशोधन
वस्त्र गीले प्रसंस्करण
मद्यनिर्माण क्षेत्र
कागज और लुगदी उद्योग
 
अंतर्राष्ट्रीय स्वच्छतर उत्पादन एलएलसी (क्लीनर प्रोडक्शन इंटरनेशनल एलएलसी)


क्लीनर प्रोडक्शन इंटरनेशनल एलएलसी, अमेरिका स्थित एक कंपनी है, जो दुनिया भर के देशों में स्थायी व्यवसाय प्रशिक्षण और परामर्श सेवाएं देने में लगी है. यह स्थायी व्यवसाय को बढ़ावा देने के साथ पर्यावरण के प्रदर्शन में वृद्धि के व्यावहारिक तरीके, संगठन स्थिरता प्रबंधन, विकासशील देश, और सरकारी कार्यक्रमों के डिजाइन तैयार करने जैसे विषयों में विशेषज्ञताप्राप्त है.


कंपनी द्वारा तैयार संसाधन दक्षता और प्रदूषण की रोकथाम के तरीकों पर जानकारी के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें

 

 

गैर-मादक पेय

मादक पेय

मूल रसायन

कृत्रिम राल और रेशे  

उर्वरक और कीटनाशक

मिट्टी के बर्तन

मिट्टी की ईंटें

इलेक्ट्रॉनिक्स

खाद्य प्रसंस्करण

होटल

मूलभूत ढ़ांचा (इंफ्रास्ट्रक्चर)

बीमा

लौह (फैरस) धातुएं

अलौह धातुएं

धातु चढ़ाना(प्लेटिंग)

धातु उत्पाद

मुद्रण

पेंट्स और कोटिंग्स

औषधियां (फार्मास्यूटिकल्स)

प्लास्टिक उत्पाद

संपत्ति विकास

सामाजिक निवेश

रबड़ उत्पाद

कपड़ा

टायर

वाहन

 

 

 


 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

प्रदूषण निवारण और पर्यावरण सहायता विभाग, उत्तरी केरोलिना (डिपर्टमेंट ऑफ पॉलूशन प्रिवेंशन एंड एनवारोंमेंटल एसिस्टेंस , नॉर्थ केरोलिना) (http://www.p2pays.org/)
 

इस वेबसाइट में कुछ चुने हुए उद्योग क्षेत्रों के लिए प्रदूषण की रोकथाम के मूल संदर्भों का एक ऑनलाइन संग्रह है जिसमें तकनीकी संदर्भ, तथ्य पत्रक और मामलों के अध्ययन शामिल हैं. इन दस्तावेज़ों को संकलित करनेवाली संस्थाएं इन्हें इस क्षेत्र में "सर्वश्रेष्ठ" मानती हैं.


उद्योगवार प्रदूषण निवारण संदर्भों के लिए यहाँ क्लिक करें

 

प्रकरण अध्ययन, ऐसे प्रदूषण निवारण कार्यक्रम, प्रक्रिया या कार्यप्रणाली का वर्णन करते हैं जिसे किसी व्यापार, उद्योग, सरकार द्वारा अपनाये जाने के परिणामस्वरूप, प्रदूषण में उल्लेखनीय कमी आई और/या लागत में बचत हुई.

 


उद्योगवार प्रकरण अध्ययन तक पहुँच के लिए यहाँ क्लिक करें
 

 

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