अपनी वित्तं व्यवस्था की योजना बनाएँ

Plan Your Finances

शुरुआती लागत और समय का आकलन

अपने विचारों को एक व्याकपार योजना में समावेश करना महत्व पूर्ण है । शुरुआती कदमों में से एक शुरुआती लागतों का अनुमान लगाना है । इस दिश में सबसे पहला कार्य होगा, अपनी शुरूआती लागतों का आकलन करना। यह आवश्य क होगा कि आप अपनी व्यासपार योजना के अनुमानों की  लगातार समीक्षा करें

आपकी लागत आपके द्वारा चुने जाने वाले व्यकवसाय पर निर्भर है । कुछ व्य‍वसाय एक छोटे बजट से शुरु किए जा सकते हैं, जिसमें बहुत कम या बिना स्टॉहक-सूची की आवश्यलकता हो, जबकि कुछ व्यववसायों में काफी पूंजी और स्टाकक सूची की आवश्यवकता होती है ।

आपकी शुरुआती लागतों में प्राथमिक कानूनी एवं सांविधिक खर्चे, एकबारगी लागत जैसे कि अपने व्यीवसाय का पंजीकरण, बैंक खाता खोलने का खर्च, डोमेन का पंजीकरण, अपने व्यववसाय के लिए वेबसाईट निर्माण आदि । आपको दैनंदिन खर्चों को भी देखना होगा । खर्चे जैसे कि किराया, कार्यालय उपकरणों , सामग्रियों तथा सुविधाओं पर खर्च दैनंदिन खर्चों के उदाहरण है । व्य वसाय की लाभप्रदत्ता, सुनिश्चित करने हेतु यह महत्विपूर्ण है कि लागतों पर ध्यारन दिया जाए । आज यह संभव है कि एक व्यायपार पते की संस्थारपना की जाए तथा अनेक शहरों में सांझा कार्यालय सुविधाओं का उपयोग किया जाए। यह शुरुआती खर्चों को न्यू नतम करने में मदद करेगा जबतक कि आपका व्य।वसाय गति न पकड़ ले ।

आपको यह भी सोचना होगा कि आपके व्यनवसाय को ग्राहक कब मिलने लगेंगे तथा यह कब पैसे बनाने लगेगा । इससे पहले कि आप ग्राहक बनाएँ, आपके व्य्वसाय को व्यय का सामना करना पड़ेगा यह आपके शुरुआती लागतों का हिस्साह होगा । इसलिए यह बहुत महत्वरपूर्ण होगा कि आप अपनी शुरुआती लागतों का सही फैसला करे, अन्ययथा आपकी वित्तीय हिसाब-किताब बिगड़ जाएगा ।

 

निजी तथा घरेलू आवश्य कताओं को नजरअंदाज न करे

आप अपने व्य क्तिगत और घरेलू वित्तीजय आवश्याकताओं पर जरूर ध्याकन दे । जब आपका व्य वसाय स्था्पित हो रहा हो, तो आप अपने पारिवारिक खर्चों का ध्या न रखने के लिए पर्याप्त  नकद भंडार अलग से रखें ।

एक सुदृढ़ एवं संतुलित विस्तृंत वित्तीय योजना नीचे दी गई हैः

 

ऋण आवश्य़कता‍ऍं – सीमांत राशि और संपार्शिवक

इसके अतिरिक्त् जब अपने व्यावसाय में पूंजी निवेश करें तो सीमांत राशि, संपार्श्विवक और अपने अंशदान इन सभी के लिए योजना बनाए । जब आप बैंकों में लोन के लिए जाऍंगे तो बहुत से बैंक आपको संपार्श्विक राशि के रुप में लगाई गई राशि के बारे में पूछेंगे । इस बारे में आपको स्वायं सोचना है कि  बैंक आपसे गारंटी के रूप में क्यार चाहता है और बैंक के पास क्याआ बंधक रखना चाहते हैं ।

 

 नकदी प्रवाह और लागत का आकलन करते समय संतुलित रहें

जब आप नया व्यावसाय आरम्भ  कर रहे हो तो तत्कारल ही नकदी प्रवाह नहीं आएगा। एक निश्चित समय आएगा जब नकदी आपके पास आनी शुरु होगी । फिर भी यह महत्वपूर्ण है कि आपने पहले कभी नकदी प्रवाह का अनुमान नहीं लगाया होगा। कुछ ऐसी अप्रत्यामशित परिस्थितियॉं हो सकती है,जो आपके नकदी प्रवाह को सीमित कर सकती है और इससे आपके व्यिवसाय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है ।

इसी प्रकार जब लागत का आकलन करें तो जहॉं तक संभव हो आपको संतुलित होने की आवश्याकता है। आप यह भी नहीं चाहेंगे कि आप अपने नए आरम्भो किए गए व्यआवसाय पर इतनी जल्दीि ज्याभदा लागतों का बोझ  डाल दें। कम प्रारंभिक लागत आपको बेहतर बनाने में मदद कर सकती है । यदि आपकी प्रारंभिक लागत आपके अनुमान से अधिक है तो संभावित निवेशकों के हतोत्सारहित होने की संभावना है ।

 

अनपेक्षित आवश्यहकताओं के लिए खाते की आवश्यतकता

 आपको अपनी अनपेक्षित आवश्य कताओं और खर्चे के लिए एक प्रावधान बनाना चाहिए यदि यह संभव न हो तो आप कम से कम ऐसी परिस्थिति से बचने के लिए एक आपातिक  योजना बनाऍं ।

 

बीमा लेने के बारे में सोचो

बीमा वित्तीेय योजना की प्रक्रिया में एक महत्वरपूर्ण भूमिका निभाता है ।

अपने व्य्वसाय को जोखिमों से बचाने के लिए बीमा कराएँ,  साथ ही अपने और अपने कर्मचारियों के लिए एक आवश्योक बीमा प्रदान करने की व्यमवस्थान करें ।

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