व्यवसाय संगठनों के स्वरूप

Forms of Business Organisations

व्यावसायिक संगठनों के अनेक स्वरूप हैं, जिन पर आप अपनी कंपनी के लिए विचार कर सकते हैं। इन विभिन्न स्वरूपों की जानकारी देने से पहले हम नीचे कुछ कारकों का उल्लेख कर रहे हैं, जिन पर आपको व्यावसायिक संगठन का स्वरूप चुनते समय विचार करना चाहिए:

  • व्यवसाय की प्रकृति :- आपके व्यवसाय का संगठन आपके व्यवसाय की प्रकृति पर निर्भर होगा।
  • परिचालनों की मात्रा :- व्यवसाय की मात्रा तथा बाजार क्षेत्र का आकार प्रमुख पहलू हैं। बड़े बाजार परिचालनों के लिए सार्वजनिक या निजी कंपनियाँ बेहतर रहती हैं। छोटे परिचालनों के लिए साझेदारी या प्रोप्राइटरशिप का गठन किया जाता है।
  • नियंत्रण की मात्रा : - यदि आप सीधा नियंत्रण रखना चाहें, तो प्रोप्राइटरशिप अच्छा विकल्प है। व्यवसाय के लिए कंपनी बनाने से स्वामित्व और प्रबंधन का पृथक्करण हो जाता है।
  • पूँजी की राशि :- जब संसाधनों की जरूरत बढ़ती है तो स्वरूप में परिवर्तन करना पड़ता है, जैसे साझेदारी फर्म को कंपनी बनाना पड़ता है। 
  • जोखिमों और देयताओं की मात्रा :- यह देखना होगा कि मालिक किस सीमा तक जोखिम उठाने को तैयार हैं। पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी में ऊँचा जोखिम रहता है, जबकि सार्वजनिक या निजी कंपनी में मालिकों के लिए जोखिम कम होता है, क्योंकि विधिक संस्था और उसके मालिक अलग-अलग होते हैं।
  • तुलनात्मक कर देयता - आपकी कंपनी की कर देयता आपके चुने हुए संगठन के स्वरूप के अऩुसार होगी।

  व्यावसायिक संगठनों के विभिन्न रूपों की चर्चा आगे के खंडों में की गई है।

 

   smallB.in - Promoting Youth Entrepreneurship

Promoting Youth Entrepreneurship

        a SIDBI initiative

  SIDBI Logo

 

  Startup Mitra

 

  Standup India

 

  Udaym Mitra

 

WCAG2-AA lcertificationValid XHTML + RDFa

 

Powered by Chic Infotech

संपर्क करें
साइटचित्र
अस्वीकरण
प्रतिलिप्याधिकार (सी) सिडबी। सभी सर्वाधिकार सुरक्षित।
एमएसएमई वित्तपोषण एवं विकास परियोजना के अंतर्गत, डीएफ़आईडी, यूके के तकनीकी सहायता घटक के अधीन सहायता-प्राप्त।