निर्यात वित्त

Export Finance

निर्यात वित्त से तात्पर्य देश या क्षेत्र से बाहर उत्पादों के नौभरण के लिए व्यवसायों को बैंकों या वित्तीय संस्थाओं से दी जाने वाली वित्तीय सहायता है। निर्यात वित्त एमएसएमई उद्यमों को वैश्विक स्तर पर ग्राहकों तक पहुँचने और विस्तार करने में समर्थ बनाता है।


किसी निर्यातक को सर्वप्रथम उन सामान्य दस्तावेज़ों की समझ विकसित करनी चाहिए, जिनकी निर्यात वित्त संस्थाएँ अपेक्षा करती हैं।  ये दस्तावेज़ निर्यात वित्त सहायता के अधिकतर रूपों के लिए अनिवार्य आवश्यकता हैं।


निर्यात वित्त सहायता निर्यात के विभिन्न चरणों में दी जाती है। वित्तीय संस्थाएँ नौभरण से पूर्व सामानों की खरीदारी, संसाधन/प्रसंस्करण, विनिर्माण या पैकेजिंग के लिए ऋण या अग्रिम मंजूर करती हैं, जिसे नौभरण-पूर्व ऋण कहा जाता है।


वित्तीय संस्थाएँ निर्यातकों को सामानों के नौभरण के बाद ऋण देने की तिथि से आय-राशि वसूल होने की तिथि तक ऋण या अग्रिम मंजूर करती हैं, जिसे नौभरण-पश्चात् ऋण कहा जाता है।

बैंक या वित्तीय संस्थाएँ निर्यातकों को फ़ैक्टरिंग सेवाएँ देती हैं, जिसमें बैंक या वित्तीय संस्था निर्यातक को तत्काल राशि के भुगतान के बदले में निर्धारित बट्टे पर निर्यातक की प्राप्यराशि वाला खाता खरीद लेती है।  

विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मुद्राओं के बीच चालू विनिमय दर जानने के लिए, कृपया www.oanda.com, www.ex.com  देखें।

निर्यात संबंधी शर्तों के बारे में अधिक जानकारी के लिए कृपया http://keywen.com/en/EXPORT देखें।

 

निर्यात वित्त संबंधी बैंक योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।

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