व्यापारिक प्रतिबंध

Trade Barriers

व्यापारिक प्रतिबंध निरपवाद रूप से सरकार द्वारा दो राष्ट्रों के बीच लगाए जाते हैं। व्यापारिक प्रतिबंध कई रूपों में हो सकते हैं। उनको मुख्यतः दो वर्गों में रखा जाता है

  • टैरिफ प्रतिबंध, एवं
  • गैर-टैरिफ प्रतिबंध  (एनटीबी)


पिछले दशक के दौरान टैरिफ में कमी और डब्ल्यूटीओ नियमों के फलस्वरूप कोटा हटाने के कारण अंतरराष्ट्रीय व्यापार में अधिक खुलापन आ गया है। किन्तु गैर टैरिफ अवरोध में लगातार वृद्धि हुई है। लगभग सभी देश बढ़ते आयात से अपने घरेलू उद्योगों को बचाने के लिए किसी न किसी प्रकार के गैर टैरिफ अवरोध इस्तेमाल करते हैं।

एमएसएमई पर व्यापारिक अवरोधों का प्रभाव बड़ी कंपनियों की तुलना में अधिक पड़ने की संभावना रहती है, क्योंकि अत्यधिक प्रतिस्पर्धी बाजार में जोखिम सहने के उनके संसाधन बहुत सीमित होते हैं। गैर टैरिफ अवरोधों से सर्वाधिक प्रभावित होनेवाले कुछ क्षेत्र हैं- कृषि उत्पाद, समुद्रोत्पाद, औषधि, प्रसंस्कृत खाद्य, वस्त्र, चमड़ा और रसायन।

गैर टैरिफ अवरोधों के बारे में डब्ल्यूटीओ सदस्य देश कई अधिसूचनाएँ जारी कर रहे हैं, जैसे सैनिटरी एंड फाइटोसैनिटरी (एसपीएस) उपाय तथा टेक्निकल बैरियर टू ट्रेड (टीबीटी) उपाय। निर्यातकों के लिए इन घटनाओं को ध्यान में रखना काफी कठिन होता जा रहा है।

वाणिज्य विभाग के दिशानिर्देशन में विश्व व्यापार संगठन केन्द्र, आईआईएफटी ने टीबीटी और एसपीएस अधिसूचन के बारे में वेब-आधारित पोर्टल आरंभ किया है ताकि इस संबंध में जानकारी प्रदान की जा सके।  “पंजीकृत उपयोगकर्ता” फिलहाल इस सुविधा का उपयोग बिना किसी शुल्क के कर सकते हैं (जिसमें निर्यातक और आयातक, दोनों शामिल हैं)। इस डाटाबेस का उपयोग सर्च/ क्वेरी कमांड से किया जाता है, जिसके ज़रिए किसी देश विशेष, उत्पाद विशेष अथवा वर्ष विशेष से संबंधित एसपीएस व टीबीटी उपायों की जानकारी ली जा सकती है। निम्नलिखित लिंक्स पर क्लिक करके उक्त पोर्टल्स पर जाया जा सकता हैः

  • सैनिटरी व फाइटोसैनिटरी पोर्टल Sanitary and Phytosanitary portal
  • व्यापार के तकनीकी अवरोध Technical Barriers to Trade portal

व्यापार अवरोधों के संबंध में देश व उत्पाद-अनुसार जानकारी

जेनेवा-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यापार केन्द्र International Trade Center (ITC) i द्वारा विकसित किया गया  ‘मार्केट ऐक्सेस मैप’, प्रशुल्क व गैर प्रशुल्क अवरोधों के संबंध में दुनिया भर में खोज करनेवाले हमारे देश के एसएमई निर्यातकों के लिए एक आदर्श साधन है। मार्केट ऐक्सेस मैप में सीमा-शुल्क प्रशुल्क (आयात शुल्क) तथा अन्य उपाय शामिल हैं जो 239 देशों व सीमाओं से आयात किए जानेवाले उत्पादों के संबंध में 187 आयातक देशों द्वारा किए जाते हैं। ज्यादातर राष्ट्रीय प्रशुल्क लाइन स्तर पर उत्पादों के संबंध में मोस्ट फेवर्ड नेशन और प्रिफरेन्श्यल अप्लाइड आयात प्रशुल्क दरें दर्शाई गई हैं।

मार्केट ऐक्सेस मैप को निर्यातकों, आयातकों, व्यापार को बढ़ावा देनेवालों, नीति विश्लेषकों तथा व्यापारिक सौदा पटानेवालों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसका इस्तेमाल प्रशुल्क का पता लगाने और अन्य प्रतिस्पर्धियों से अपनी तुलना करने के लिया किया जा सकता है। अथवा इसके उन्नत सुविधाओं का उपयोग प्रशुल्क कमियों से व्यापारिक मोल-तोल पर पड़नेवाले प्रभाव के आकलन के लिए किया जा सकता है 

विकासशील देशों के उपयोगकर्ताओं के लिए निःशुल्क

आईटीसी के ग्लोबल ट्रस्ट फंड तथा विश्व बैंक से प्राप्त वित्तीय योगदान के कारण मार्केट ऐक्सेस माप भारत सहित सभी विकासशील देशों के उपयोगकर्ताओं के लिए निःशुल्क है। आईटीसी मार्केटिंग विश्लेषण  ITC’s Market Analysis Tools. को ऐक्सेस करने के लिए आप निशुल्क अकाउंट बना सकते हैंGuide to Registering on the ITC Website


 

 

मार्केट ऐक्सेस मैप में निम्नलिखित का समावेश है:
 एमएफएन आयात शुल्क और साथ ही बहुपक्षीय, क्षेत्रीय व द्विपक्षीय वरीयताएं

  • बंध प्रशुल्क
  • प्रशुल्क-कोटे- बहुपक्षीय और द्विपक्षीय
  • ऐण्टी-डम्पिंग शुल्क
  • मूल के नियम और मूल के प्रमाणपत्र
  • व्यापार प्रवाहः आयात/निर्यात आंकड़े
  • आयात प्रशुल्क : यथा मूल्य, विशिष्ट प्रशुल्क के विशिष्ट एवं यथा मूल्य समतुल्य


यह साधन एसएमई निर्यातकों के विशेष प्रश्नों का उत्तर प्रस्तुत करता है जैसे…..

 जब मैं अपना उत्पाद ....को निर्यात करूँगा तो उस पर प्रशुल्क क्या होगा?

  • कौन से देशों में मेरे उत्पाद के लिए सबसे उपयुक्त बाजार दशाएं उपलब्ध हैं? (प्रशुल्क अवरोध के उदाहरण- जो भारत के चमड़ा उत्पाद को पूरे विश्व में झेलना पड़ता है)
  • बाजार विविधीकरण के लिए क्या अवसर हैं?
  • प्रत्येक संभावित बाजार में मेरे प्रतिस्पर्धी (अन्य देश) किन प्रशुल्कों का सामना करते हैं?
  • अपने देश के वरीय एवं निःशुल्क व्यापार करारों का अधिकतम लाभ लेने के लिए मुझे अपनी सामग्री कहाँ से लेनी चाहिए?


मार्केट ऐक्सेस मैप कैसे इस्तेमाल करे- पर एक गाइड

विश्व प्रशुल्क प्रोफाइल 2009


यह संयुक्त प्रकाशन (आईटीसी, डब्ल्यूटीओ, यूएनसीटीएडी) मार्केट ऐक्सेस (आयातों पर लगाया गया प्रशुल्क) और निर्यातों में मार्केट ऐक्सेस दशाओं के विश्लेषण की जानकारी देता है।

  • पहले हिस्से में सभी उत्पादों के लिए सभी देशों व क्षेत्रों से संबंधी आँकड़ों के साथ-साथ कृषि एवं गैर कृषि उत्पादों का अलग-अलग सारांश द्रष्टव्य
  • दूसरे हिस्से में इन देशों व क्षेत्रों के हर देश के लिए एक पूरा पृष्ठ है, जिसमें क्षेत्रों व प्रशुल्क श्रेणियों को अलग-अलग दर्शाया गया है। उनके अपने-अपने प्रमुख निर्यात बाजारों में अनुभव की जा रही मार्केट ऐक्सेस दशाओं पर भी एक खंड है।
  • तीसरे हिस्से में अन्य प्रशुल्कों व प्रभारों (ओडीसीज) पर छूट दर्शानेवाली तालिका दी गई है।
  • मानकीकृत प्रेजेन्टेशन में देशों व क्षेत्रों के बीच तथा बंधित एवं अनुप्रयुक्त प्रशुल्कों के बीच विश्लेषण व तुलना हो पाती है। इसका उद्देश्य विशेषज्ञ व गैर-विशेषज्ञ, दोनों ही होते हैं।
  • विश्व व्यापार संगठन द्वारा प्रकाशित वर्ल्ड टैरिफ प्रोफाइल (2009)
     

 

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