ऊर्जा दक्षता के संवर्द्धन की योजनाएँ

Schemes for Promotion of Energy Efficiency
  1. लघु एवं मध्यम उद्यम में ऊर्जा दक्षता योजना

ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (बीईई) से जारी ऊर्जा बचत उपकरणों की सूची के लिए यहाँ क्लिक करें।

तदनुसार, लघु एवं मध्यम उद्यम सिडबी की वित्तीय योजना का लाभ उठा सकते हैं, जिससे ऊर्जा बचत उपकरणों में एमएसएमई निवेश को प्रोत्साहित किया जा सकता है।

ऊर्जा बचत परियोजनाओं के लिए सिडबी की वित्तीयन योजना के लिए यहाँ क्लिक करें।

बीईई 28 लघु एवं मध्यम उद्यम समूहों में ऊर्जा दक्षता के अवसरों के बारे में सूचना के प्रचार-प्रसार के लिए कार्यशालाएँ आयोजित कर रहाइसके अलावा, बीईई ने ऐसे ऊर्जा बचत उपकरणों की सूची तैयार की है, जिनका भारत में लघु एवं मध्यम उद्यम उपयोग कर सकते हैं। स सूची में उपकरणों का विवरण, उनके लाभ, संदर्भ, आदि दिया गया है।

2. बचत लैम्प योजना

लघु उद्योग सीडीएम-गतिविधि कार्यक्रम (एसएससी-पीओए) के बारे में पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
 

बचत लैम्प योजना एक स्वैच्छिक सीएफ़एल प्रकाश योजना है, जिसका परिचालन और क्रियान्वयन लघु उद्योग सीडीएम-गतिविधि कार्यक्रम (एसएससी-पीओए) के अधीन, बिजली वितरण कंपनी (डिस्कॉम) के सहयोग से, बीईई करता है। यह योजना ऊर्जा के दक्ष उपयोग का रूपायन और संवर्द्धन करने तथा ऊर्जा दक्षता परियोजनाओं के नवोन्मेषी वित्तपोषण को प्रोत्साहित करने वाले “भारतीय ऊर्जा संरक्षण अधिनियम, 2001’’ के अधीन बीईई को प्रदत्त शक्तियों का परिणाम माना जाता है। इस योजना की कुछ चुनिंदा विशेषताएँ निम्नवत् हैं :

  • योजना में उद्दीप्त लैंप के बदले में आवासीय परिवारों को एसएससी-पीओए के माध्यम से गुणवत्तायुक्त, दीर्घायु (लंबे समय तक चलने वाले), सेल्फ़-बैलस्टेड सीएफ़एल का 15 रुपये की क़ीमत पर वितरण किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत सीएफ़एल की क़ीमत बाज़ार में लगभग 80 से 130 रुपये की क़ीमत से काफी कम है।  
  • उन सीएफ़एल को एकत्र करने और उनका निपटान करने का दायित्व एसएससी-पीओए के क्रियान्वयनकर्ताओं का होगा, जो अपना जीवनकाल पूर्ण कर चुके हैं या जो परियोजना के क्रियान्वयन के दौरान अपनी आयु से पहले ही खराब हो गए हैं। 
  • दीर्घायु सीएफ़एल आईएस 15111 मानक से कहीं अधिक अपेक्षाओं पूरी करते हैं, जिसके अनुसार नियत जीवनकाल न्यूनतम 6000 घंटे होता है। 
  • सेल्फ़-बैलस्टेड सीएफ़एल सामान्यत: 2.4 या 6 लघु फ्लोरसेन्ट ट्यूब होते हैं, जो बैलस्ट से जुड़े आधार पर लगे होते हैं और इनकी क्षमता 51 से 56 एसएम/वॉट होती है, जो इसी प्रकार के आईसीएल की तुलना में चार से पाँच गुना है।  

3. मानक एवं लैबलिंग योजना

इस योजना का उद्देश्य ग्राहक को ऊर्जा बचत और तदनुसार बाज़ार में उपलब्ध घरेलू सामानों एवं अन्य उपकरणों की लागत-बचत क्षमताओं के बारे में सुविचारित चुनाव का अवसर प्रदान करना है। यह योजना मई, 2006 में शुरू की गई थी, जिसके अंतर्गत उपकरणों एवं सामानों, जैसे – फ़्रॉस्ट-फ़्री ऱेफ़्रिजेरेटर, ट्युबुलर फ़्लोरसेन्ट लैंप, रूम एअर कंडीशनर, प्रत्यक्ष शीचलन रेफ्रिजरेटर, वितरण ट्रांसफ़ॉर्मर, इंडक्शन मोटर, पंपसेट, छत के पंखे, एलपीजी, इलेक्ट्रिक गीज़र, और टीवी के लिए तालिका में दी गई अनिवार्य एवं स्वैच्छिक योजनाएँ शामिल हैं। 

योजना के अंतर्गत परिभाषित उद्योग मानकों के लिए लेबलिंग अपेक्षाओं का तालिकाबद्ध सार देखने के लिए यहाँ क्लिक करें।

4. ऊर्जा संरक्षण भवन संहिता (कोड) (तारांकन कार्यक्रम)

बीपीओ भवनों और कार्यालय भवनों के लिए तारांकन योजनाओं (स्टार रेटिंग स्कीमें) तथा तदनुरूपी पात्रता मानदंड के लिंक वाली तालिका देखने के लिए यहाँ क्लिक करें

बीईई ने बीपीओ, कार्यालय भवनों, विद्यालयों, स्वास्थ्य सुविधाओं तथा होटलों (तालिका 3 देखें) के वाणिज्यिक भवनों को तारांकन उपलब्ध कराने से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की शुरुआत की है। तारांकन कार्यक्रम में भवनों की ऊर्जा दक्षता के निष्पादन का परिकलन कर एक से पाँच के मानदंड पर श्रेणीनिर्धारण (तारांकन) किया जाएगा, जिसमें पाँच तारे वाला भवन सर्वाधिक ऊर्जा दक्ष होगा।  

5. राज्यस्तरीय निर्दिष्ट एजेन्सियों (एसडीए) की सांस्थिक क्षमता का सुदृढ़ीकरण

बीईई ने राज्यस्तरीय निर्दिष्ट एजेन्सियाँ नियत की हैं, जो ऊर्जा संरक्षण अधिनियम, 2001 के प्रावधानों के समन्वय, विनियमन और प्रवर्तन के लिए जिम्मेदार हैं।

राज्यस्तरीय निर्दिष्ट एजेन्सियों के बारे में “पृष्ठभूमि नोट” के लिए यहाँ क्लिक करें।

राज्यस्तरीय निर्दिष्ट एजेन्सियों की सूची के लिए यहाँ क्लिक करें।