इन्क्यूबेटर

1. राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम (एनएसआई)प्रशिक्षण व इन्क्यूबेशन केन्द्र

देश में कई जगहों पर एनएसआईसी प्रशिक्षण व इन्क्यूबेशन केन्द्र (एनएसआईसी-टीआईसी) चलाए जा रहे हैं। इनमें पहली पीढ़ी के उद्यमियों को बुनियादी तकनीकी गुण व कौशल सीखने तथा व्यवसायिक परिचालन के सभी क्षेत्रों का परिचय पाने का मौका मिलता है,  जैसे व्यवसाय कौशल विकास, उपयुक्त प्रौद्योगिकी का निर्धारण, कार्यशील परियोजनाओं पर काम करने का अनुभव, परियोजना/ उत्पाद चुनना, अवसरों के बारे में मार्गदर्शन, जिसमें वाणिज्यिक आयाम भी शामिल हैं। एनएसआईसी ने देश में सार्वजनिक-निजी सहभागिता (पीपीपी) के माध्यम से बहुत-से फ्रेंचाइजी एनएसआईसी-टीआईसी स्थापित करने की योजना बनाई है ताकि इस प्रशिक्षण का दायरा बढ़ाया जा सके और अधिक से अधिक संख्या में बेरोजगार लोगों को प्रशिक्षित किया जा सके।

एनएसआईसी के इन्क्यूबेशन केन्द्रों के बारे में और अधिक जानने के लिए http://www.nsic.co.in/incubator.asp  देखें।


2. इन्क्यूबेशन के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग से सहायता: राष्ट्रीय विज्ञान व प्रौद्योगिकी उद्यमिता विकास बोर्ड (एनएसटीईडीबी), वित्रान और प्रौद्योगिकी विभाग

एनएसटीईडीबी ज्ञान-चालित और प्रौद्योगिकी सघन उद्यमों के संवर्द्धन में मदद करनेवाली संस्थागत प्रणाली है। इसकी कई योजनाएं हैं। उन्हीं में से एक अपूर्व प्रयास है प्रौद्योगिकी व्यवसाय इन्क्यूबेटर (टीबीआई)। टीबीआई नए उद्यमों (और साथ ही, क्षेत्र के वर्तमान लघु एवं मध्यम उद्यमों को) कई तरह की सेवाएँ तो देते ही हैं, साथ ही वे उक्त उद्यमों के अस्तित्व में बने रहने और विकास के लिए अनुकूल वातावरण बनाए रखने में भी मदद करते हैं। टीबीआई की अनिवार्य विशेषता यह है कि आश्रित कंपनियाँ 2-3 वर्ष के अंतराल में इन्क्यूबेटर छोड़कर निकल जाती हैं। हर टीबीआई अधिक से अधिक 2-3 क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करता है। जहाँ तक नए टीबीआई की विधिक स्थिति का संबंध है, उनको किसी ऐसे स्वायत्तशासी निकाय के रूप में पंजीकृत कराना होता है, जो सोसायटी अधिनियम 1860 के अंतर्गत सोसायटी और /अथवा धारा 25 के अंतर्गत अलाभकारी कंपनी के रूप में में पंजीकृत हो। हर टीबीआई से अपेक्षित है कि वह परियोजना मंजूरी की तारीख से पाँच वर्ष के भीतर स्वतः सक्षम हो जाए।

जिन क्षेत्रों को विशेष जोर देने के लिए चिह्नित किया गया है उनमें अत्याधुनिक सुविधाएं जुटाने के लिए एनएसटीईडीबी वित्तीय सहायता प्रदान करता है। बार-बार होनेवाले परिचालन संबंधी खर्चों की आंशिक/ पूर्ण पूर्ति के लिए यह पाँच वर्ष की अवधि तक सहायता भी देता है।

एनएसटीईडीबी के इन्क्यूबेशन केन्द्रों के बारे में और अधिक जानने के लिए देखे- http://www.nstedb.com/


3.      सिडबी इनोवेशन व इन्क्यूबेशन सेंटर (एसआईआईसी)

सिडबी इनोवेशन व इन्क्यूबेशन सेंटर (एसआईआईसी) की स्थापना भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर में की गई है। इसका उद्देश्य ज्ञान और प्रौद्योगिकी आधारित क्षेत्रों में खास तौर से लघु उद्यमों के लिए उद्यमिता का पोषण व विकास करना है। 31 मार्च 2008 तक इस सेंटर से चार कंपनियाँ तैयार होकर निकल चुकी हैं, जबकि अधुनातन प्रौद्योगिकियों व सॉफ्टवेयर विकास आदि के विविध क्षेत्रों में सात कंपनियाँ पोषित हो रही हैं। 30 नवंबर 2008 तक इस केन्द्र से आठ इकाइयाँ तैयार होकर निकल चुकी थीं।

एसआईआईसी के बारे में और अधिक जानकारी के लिए देखेः http://www.iitk.ac.in/siic/