पब्लिक लिस्टिंग

Public Listing

अच्छे ट्रैक रिकॉर्ड वाले सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम पब्लिक लिस्टिंग प्रक्रिया के जरिए इनिशियल पब्लिक ऑफर (आईपीओ) के माध्यम से आम जनता से भी निधि जुटा सकते हैं। किन्तु आईपीओ रूट केवल उन कंपनियों के लिए संभव है जिनका पिछला कार्य-निष्पादन बहुत अच्छा है और जिनकी बाजार में खूब प्रतिष्ठा है।

सिक्युरिटीज एंड एक्स्चेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) ने हाल ही में लघु एवं मध्यम उद्यमों (एसएमई) के लिए शेयर-लिस्टिंग मानदंडों में ढील दी है और उनको हर तीन महीने के बजाय हर छह महीने में अपने वित्तीय परिणाम घोषित करने की अनुमति दी है, जैसाकि बड़ी कंपनियों के लिए मानदंड है। एसएमई के लिए सेबी की कुछ अन्य महत्त्वपूर्ण विशेषताएं इस प्रकार हैः

  • एसएमई एक्स्चेंज में सूचीबद्ध कंपनियों के लिए आवश्यक नहीं होगा कि अपने शेयरधारकों को पूरी वार्षिक रिपोर्ट भेजें। साथ ही, उनको अपने वित्तीय परिणाम प्रकाशित करने की जरूरत भी नहीं होगी, जैसाकि मुख्य स्टॉक एक्स्चेंज में होता है। एसएमई एक्स्चेंज में सूचीबद्ध कंपनियाँ अपने शेयरधारकों को एक विवरणी भेज सकते हैं, जिसमें सभी दस्तावेजों की मुख्य-मुख्य बातें दी गई हों।
  • कंपनियों को हर समय जारी किए गए शेयरों की कुल संख्या की कम से कम 25% पब्लिक शेयर धारिता रखनी होगी। दूसरे शब्दों में प्रवर्तकों का स्टेक 75% से अधिक नहीं हो सकता।

एसएमई एक्स्चेंज की लिस्टिंग चाहनेवालों के लिए विहित शर्तों के संबंध में सेबी द्वारा जारी परिपत्र डाउनलोड करने के  लिए यहाँ क्लिक करें  click here