वर्गीकरण

Segmentation

वर्गीकरण रणनीतिक विपणन प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण अंग है. किसी उद्यम को पहले बाजार की पहचान करना चाहिए  और तब उसे  ' वर्गों ' में विभाजित करना चाहिए. वर्ग बाजार से चयनित खरीदारों का एक समूह हो सकता है जिसका चयन उनकी एक सी जरूरतों, लाभ की उम्मीदों , खरीदारी की आदतों और अवसरों पर आधारित है  और उद्यम की उम्मीद है कि वह अपने प्रतियोगियों की तुलना में उनकी अपेक्षाओं को बेहतर तरीके से पूरा कर सकता है, या उसका मानना ​​है कि जिस तरह अब तक कोई नहीं कर पाया है.

वर्गीकरण के प्रकार
जनसांख्यिकीय वर्गीकरण इसमें विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्रों के लिए अपने विपणन प्रयासों को स्थानीकृत किया जाता है.


आवश्यकता-आधारित वर्गीकरण- उपभोक्ताओं द्वारा किसी विशेष उत्पाद का उपयोग करने से इच्छित लाभ के आधार पर बाजार का वर्गीकरण किया जा सकता है. 

 

भौगोलिक वर्गीकरण- क्षेत्र, देश, राज्य, शहर आदि जैसे भौगोलिक बिंदुओं के आधार पर
मनोवैज्ञानिक  वर्गीकरण ग्राहकों का समूहन उनके सामाजिक वर्ग, जीवन शैली और मनोवैज्ञानिक विशेषताओं (दृष्टिकोण, हितों और राय) के आधार पर करना .
व्यवहार / उपयोग वर्गीकरण - बाजार का वर्गीकरण इस आधार पर किया जा सकता है कि उपभोक्ता किसी उत्पाद विशेष का उपयोग कितनी बार या कितनी भारी मात्रा में करते हैं. 


प्रभावी वर्गीकरण के लिए मानदंड
प्रत्येक वर्ग में एक जैसी विशेषताओं वाले समूह जिसके प्रत्येक खंड आसानी से अन्य वर्ग से विभेदित किए जा सकते हैं , एक अच्छा और व्यावहारिक वर्गीकरण है.

प्रत्येक वर्ग निम्नलिखित होना चाहिए,

विशिष्ट - एक उत्पाद के लिए उपभोक्ता वरीयताओं में स्पष्ट अंतर मौजूद होना चाहिए. उदाहरण के लिए , एक कार निर्माता ( जो सभी प्रकार की कारों का निर्माण करते हैं) उपभोक्ताओं की आय के स्तर के आधार पर तीन वर्गों में इसके बाजार को विभाजित करना चाहेंगे . पहले वर्ग में 10 लाख रुपये से कम वार्षिक आयवाले उपभोक्ताओं को रखा जा सकता है जिनके लिए वरीयता एक ऐसी कार होगी जो उनके पैसे के लिए मूल्य (माइलेज, आदि)  प्रदान करती है . दूसरा वर्ग में वे उपभोक्ता हो सकते हैं जिनकी आय रु. 10-20 लाख वार्षिक के बीच हो जिनकी पसंद ऐसी कार हो सकती है जो कीमत और आराम (पावर स्टीयरिंग, जगह, शीर्ष गति आदि) के बीच उचित संतुलन प्रदान करती है . तीसरा वर्ग 20 लाख रुपये वार्षिक के अधिक आयवाले ग्राहकों का हो सकता है जो शानदार आरामदायक (ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन, शक्ति, शैंपेन कूलर, आदि) कारों को पसंद करते हैं. यहाँ बाजार वर्गीकरण के लिए आवश्यकता आधारित दृष्टिकोण का इस्तेमाल किया गया है.


परिमेय एक उत्पाद के लिए विभिन्न वरीयताओं को पहचाने जाने योग्य और परिमाणित करने में सक्षम होना चाहिए. पिछले उदाहरण को देखते हुए,  जिसमें एक कार की सभी सुविधाओं (माइलेज , पावर स्टीयरिंग ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन आदि) को ध्यान में रखकर वर्गीकरण किया गया है जिन्हें आसानी से पहचाना और परिमाणित किया जा सकता है .


पर्याप्त प्रस्तावित बाजार वर्ग पर्याप्त आकार और क्रय शक्तिवाला होना चाहिए ताकि वह करोबार के लिए लाभदायक हो सके.. आय के आधार पर कार निर्माता के लिए बाजार क्षेत्र <10 लाख, 10-20,> 20 लाख के हैं. उपभोक्ता वरीयता के आधार पर (पैसे के लिए मूल्य, कीमत और आराम के बीच उचित संतुलन, और शानदार व आरामदायक) के हैं जिनके आधार पर निर्माता विशिष्ट कार के मॉडल के लिए विशिष्ट वर्ग को लक्षित कर सकते हैं.


प्रतिक्रिया सक्षम - कंपनियों को एक उपयुक्त विपणन मिश्र के साथ वरीयताओं में अंतर पर प्रतिक्रिया करने में सक्षम होना चाहिए. तीन वरीयताएं जो विशिष्ट हैं उनको आसानी से उपयुक्त विपणन मिश्र के साथ लक्षित किया जा सकता है.


सुलभ - प्रस्तावित बाजार वर्ग आसानी से सुलभ और बाजार कार्यक्रमों की पहुंच में होना चाहिए.

 

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