8. संस्था के अंतर्नियम तैयार करना (AoA)

संस्था के अंतर्नियम कंपनी के आंतरिक प्रबंधन से संबंधित नियम हैं। ये नियम संस्था के बहिर्नियम के अधीन होते हैं और इसलिए इनको संस्था के बहिर्नियम में कही गई किसी भी बात का विरोधी अथवा उसका अतिक्रमणकारी नहीं होना चाहिए।

कंपनी के पंजीकरण के लिए विधिवत लिखा गया, सत्यापित, स्टांपित और हस्ताक्षरित –संस्था के अंतर्नियम- का होना जरूरी है।

तालिका ए एक दस्तावेज है जिसमें कंपनी के आंतरिक प्रबंधन के लिए आवश्यक नियम व विनियम दिए गए हैं (ब्यौरों के लिए देखें  कंपनी अधिनियम, 1956)। यदि कोई कंपनी तालिका ए अंगीकार कर ले तो उसे अलग से संस्था के अंतर्नियम बनाने की जरूरत नहीं है।

तालिका ए नहीं अंगीकार करनेवाली कंपनियों के लिए संस्था के अंतर्नियम की स्टांपित और विधिवत हस्ताक्षरित प्रति का होना जरूरी है।

 संस्था के अंतर्नियम किसी वकील अथवा चार्टर्ड अकाउंटेंट के मार्गदर्खशन में आसानी से तैयार किए जा सकते हैं। संस्था के अंतर्नियम के बारे में और अधिक जानकारी  क) कंपनी अधिनियम, 1956 तथा ख) भारतीय विधिक सेवा से ली जा सकती है।