भारतीय निर्यातकों के लिए परीक्षण, निरीक्षण तथा प्रमाणन आवश्यकताएं

भारतीय निर्यातकों के लिए परीक्षण, निरीक्षण तथा प्रमाणन आवश्यकताएं इस खंड में यूरोपीय संघ के देशों, संयुक्त राज्य अमेरिका तथा जापान को निर्यात करने के लिए विभिन्न प्रमाणन आवश्यकताओं पर व्यापक जानकारी दी गई है। इस खंड के लिए जानकारी एसजीएस द्वारा दी गई है, जो निरीक्षण, सत्यापन, परीक्षण तथा प्रमाणन के क्षेत्र में विश्व की अग्रणी कंपनी है औऱ जिसे गुणवत्ता और सत्यनिष्ठा के लिए वैश्विक बैंचमार्क समझा जाता है। इसके दुनिया भर में 1,000 से ज्यादा कार्यालय और प्रयोगशालाएं हैं।

खाद्य उत्पाद भारत की निर्यात संभावनाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रभावी गुणवत्ता नियंत्रण तथा खाद्य सुरक्षा सर्वाधिक महत्वपूर्ण हैं। इससे विदेशों - यूरोपीय देश, संयुक्त राज्य अमेरिका तथा अन्य विकसित देश - के गुणवत्ता मानकों को हासिल करने में मदद मिलेगी। अंतरराष्ट्रीय परीक्षण, निरीक्षण तथा प्रमाणन मानकों का अऩुपालन बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे न केवल विदेशी बाजारों में उत्पाद की स्वीकार्यता बढ़ जाती है, बल्कि कीटनाशकों, रसायनों आदि के कम प्रयोग के फलस्वरूप उत्पादन की लागत भी घट जाती है।

विभिन्न खाद्य उत्पादों की परीक्षण अपेक्षाएं नीचे दी गई हैं :

प्रसंस्कृत खाद्य प्रसंस्कृत खाद्य उद्योग पिछले दशक के दौरान भारत में काफी बढ़ गया है। प्रसंस्कृत खाद्य में शामिल है स्नेक्स फूड, डेरी उत्पाद, बेक्ड फूड, कन्फेक्शनरी, फल तथा सब्जी उत्पाद, कन्वेनिएंस फूड आदि। तथापि भारतीय निर्यात में मूलतः वस्तुएं तथा मूल प्रसंस्कृत मदें शामिल रहती हैं। इसके कारणों मेँ अन्य बातों के साथ-साथ आपूर्ति और गुणवत्ता में निरंतरता का अभाव शामिल है। प्रसंस्कृत खाद्य का पर्याप्त बड़ा निर्यात बाजार है और इस प्रकार भारतीय प्रसंस्कृत खाद्य निर्यातकों के लिए ऊँची वृद्धि संभावनाएं हैं। अंतरराष्ट्रीय खरीददार खाद्य की गुणवत्ता पर बहुत ध्यान देते हैं औऱ इसलिए विकसित बाजारों को निर्यात करना गुणवत्ता मानकों के कड़े अनुपालन की माँग करता है। अमेरिका तथा यूरोपीय संघ जैसे देशों ने प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों के परीक्षण के लिए विशिष्ट दिशानिर्देश निर्धारित किए हैं ।

इन नियमों का सार-संक्षेप यहां दिया गया है।

समुद्री खाद्य भारत 50 वर्ष से अधिक समय से समुद्री खाद्य पदार्थों का निर्यात करता आ रहा है। मुख्य निर्यातों में शामिल हैं श्रिंप, मछली, क्लेम्स, मसल्स, स्क्विड, ओक्टोपस, कटल फिश, क्रैब्स आदि। इन उत्पादों के प्रमुख बाजार जापान और संयुक्त राज्य अमेरिका हैं। भारत से समुद्री खाद्य निर्यातों को कतिपय क्षेत्र / देश विशिष्ट दिशानिर्देशों / विनियमों का अनुपालन करने की आवश्यकता है।

समुद्री खाद्य पर लागू मौजूदा विनियमों का सारांश यहां दिया गया है।

अंगूर भारत से अंगूरों के निर्यात में पिछले दशक के दौरान काफी वृद्धि हुई है। अधिक निर्यात में विभिन्न कारणों में से एक है अंगूरों में कीटनाशक अवशिष्ट की मात्रा न्यूनतम करके यूरोपीय संघ जैसे निर्यात बाजारों की पादपस्वच्छता संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने की क्षमता। विकसित बाजारों ने कतिपय गुणवत्ता मानकों के निर्यात स्वीकार करने के लिए मानदंड निर्धारित किए हैं।

यूरोपीय संघ को अंगूरों के निर्यात के लिए परीक्षण तथा प्रमाणन अपेक्षाओं के बारे में अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें

एक्वाकल्चर मछली उद्योगों की एक प्रमुख समस्या यह है कि मछली उद्योग संसाधन प्राकृतिक रूप से घट रहे हैं। इसके कारण हैं - मछली पकड़ने की गैर-टिकाऊ पद्धतियाँ, बड़े पैमाने पर जल प्रदूषण, जलीय पर्यावरण का वाणिज्यिक दोहन तथा प्राथमिक प्रजनन पर्यावरण जैसे मैंग्रोव जंगल तथा प्रवालभित्ति आदि का नष्ट होना। इसके समाधान के लिए दुनिया भर में गहन एक्वाकल्चर उत्पादन किए गए, जिसके फलस्वरूप एंटीबायोटिक्स, पीसीबी, कीटनाशक अवशिष्ट तथा भारी धातुएं बड़ी मात्रा में जमा हो गईं, जिससे पर्यावरण को भारी नुकसान हुआ। मछली उत्पादन को टिकाऊ तथा पर्यावरण अनुकूल ढंग से बढाने के लिए वैश्विक जीएपी अथवा जैव मानकों पर आधारित एक्वाकल्चर एक अच्छा समाधान है। एक्वाकल्चर निर्यात परीक्षण तथा प्रमाणन में विकसित देशों में कतिपय नियमों के अनुपालन की अपेक्षा होती है।

एक्वाकल्चर निर्यातों के लिए निर्यात परीक्षण तथा प्रमाणन संबंधी मौजूदा विनियमों का सार संक्षेप यहां दिया गया है।

जैविक खाद्य भारत का जैविक खाद्य निर्यात बाजार ऊर्ध्वमुखी है क्योंकि उत्तरोत्तर अधिक किसान जैविक खेती का रुख कर रहे हैं। भारतीय जैविक खाद्य मुख्यतः संयुक्त राज्य अमेरिका तथा यूरोप को निर्यात किए जाते हैं। जैविक हर्ब्स, जैविक मसाले, जैविक बासमती चावल आदि का निर्यात होता है। भारतीय जैविक खाद्य निर्यात का लगभग 60% यूरोपीय संघ को जाता है और अमेरिका 20% हिस्से के साथ दूसरा सबसे बड़ा बाजार है। शेष जापान, कनाडा, आस्ट्रेलिया तथा पूर्वी एशियन देशों को जाता है। कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य निर्यात विकास प्राधिकरण(एपेडा) को उम्मीद है कि जैविक खाद्य का निर्यात 2015 तक 1 अरब अमेरिकी डालर को छू लेगा। यह व्यवहार्य भी लगता है क्योंकि भारतीय जैविक उत्पाद विकसित बाजारों के कई देशों में अधिक स्वीकार्य हो रहे हैं। एपेडा की सहायता से भारत सकार क्षमता निर्माण तथा द्विपक्षीय करारों पर ध्यान केंद्रित कर रही है, ताकि इस उद्योग को आगे और बढ़ावा मिले। मौजूदा बाजार का अधिकतम लाभ उठाने के लिए भारतीय निर्यातकों को आयातक देशों द्वारा निर्धारित किए गए कड़े मानकों का अनुपालन करने की जरूरत है।

जैविक खाद्य से संबंधित मौजूदा विनयमों को संक्षेप में जानने के लिए यहाँ क्लिक करें

वॉलंटरी स्टैंडर्ड्स फॉर एग्रीकल्चरल प्रोडक्ट्स ग्लोबली - ग्लोबल जीएपी जीजीएपी अथवा ग्लोबल जीएपी एक प्राइवेट संगठन है जो कृषि उत्पादों की उत्पादन प्रक्रिया के प्रमाणन हेतु विमर्शित मानक निर्धारित करता है। इन मानकों का उद्देश्य उपभोक्ताओं को इस विषय में आवश्वस्त करना है कि कृषि परिचालनों पर प्रतिकूल पर्यावरण प्रभावों को न्यूनतम कर, रासायनिक पदार्थों का प्रयोग घटाकर और कामगार के स्वास्थ्य तथा सुरक्षा एवं जानवरों के कल्याण के प्रति उत्तरदायित्वपूर्ण दृष्टिकोण सुनिश्चित कर फार्म पर खाद्य का उत्पादन कैसे किया जाता है।

उद्देश्य अच्छी कृषि पद्धति हेतु एक मानक स्थापित करना है, जिसमें ऐसे भिन्न उत्पाद अनुप्रयोग हों, जो संपूर्ण वैश्विक कृषि के लिए फिट हो सकें। ग्लोबल जीएपी एक बिजनेस टू बिजनेस लेबल है और इसलिए उपभोक्ताओं के लिए प्रत्यक्ष रूप से दृश्यमान नही है। ग्लोबल जीएफी प्रमाणन 100 से अधिक देशों में 100 से अधिक स्वतंत्र तथा मान्यताप्राप्त प्रमाणन निकायों द्वारा किया जाता है। यह दुनिया भर के सभी उत्पादकों के लिए खुला है।

Global GAP details

ग्लोबल जीएपी विवरण इंटरनेशनल फीचर्ड स्टैंडर्ड्स (आईएफएस) - फूड

आईएफएस फूड खाद्य का प्रसंस्करण करने वाली कंपनियों अथवा खुले हुए खाद्य उत्पादों को पैक करने वाली कंपनियों की लेखापरीक्षा हेतु मानक है। आईएफएस फूड केवल वहां लागू किया जाता है, जहां उत्पाद "प्रोसेस अथवा हैंडल" किया जाता है, अथवा जहां प्राथमिक पैकेजिंग के दौरान दूषित होने का खतरा हो। आईएफएस फूड निम्नलिखित पर लागू किया जाता है • प्रोसेसिंग तथा वर्किंग और/अथवा • खुले उत्पादों की हैंडलिंग और/अथवा • प्राथमिक पैकेजिंग के दौरान की गतिविधियाँ खाद्य सुरक्षा प्रमाणन पर आईएफएस श्वेतपत्र : एक आवश्यक निवेश खाद्य वर्गों तथा उन सूक्ष्म जीवों/जीव विषों की सूची जिनके लिए उनकी जाँच की जाती है

IFS white paper on Food Safety Certification: A Necessary Investment

A list of food categories and micro-organisms/toxins that they are tested for.