प्रमाणन

Certification

प्रमाणन किसी वस्तु, व्यक्ति या संगठन में कतिपय विशेषताओं के आश्वासन से संबंधित है। यह आश्वासन अकसर, किंतु हमेशा नहीं, किसी बाहरी संस्था, शिक्षा या मूल्यांकन द्वारा दिया जाता है।

प्रमाणन क्यों उपयोगी है ?

प्रमाणन चिह्न निम्नलिखित कारणों से उपयोगी है :

  • किसी उत्पाद के विनिर्माता तथा किसी राष्टीय मान्यताप्राप्त संगठन के बीच परीक्षण एवं प्रमाणन दोनों के लिए करार की विद्यमानता।
  • इस बात की विधिक पुष्टि कि राष्ट्रीय मान्यताप्राप्त मानकों के अनुसार उत्पाद का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया ।
  • इस बात की विधिक पुष्टि कि मान्यताप्राप्त प्रमाणऩ संगठन ने यह सुनिश्चित किया है कि उक्त मद का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया और वह बाजार में बेचे जा रहे मद के समान है।
  • यह विधिक घोषणा कि सफल परीक्षण के फलस्वरूप सर्टीफिकेशन लिस्टिंग हुई है, जो सार्वजनिक जानकारी समझी जाती है, जो प्रमाणित उत्पाद के लिए सहनशीलताएं तथा प्रयोग की शर्तें निर्धारित करती है, ताकि लिस्टिंग और अनुमोदित प्रयोग और अनुपालन के जरिए कानून का अनुपालन हो सके।
  • यह विधिक घोषणा कि प्रमाणन संगठन द्वारा विनिर्माता का नियमित ऑडिट किया जा रहा है, ताकि यह प्रमाणित किया जा सके कि परीक्षण में खरे पाए गए  नमूने में प्रयुक्त मूल प्रक्रिया मानकों को बनाए रखा गया है।

 प्रमाणन प्रक्रिया

प्रमाणन प्रक्रिया इस पर निर्भर करेगी कि कैसे प्रमाणन हेतु आवेदन किया गया है। चूंकि प्रमाणन हमेशा किसी तृतीय पक्ष द्वारा दिया जाता है, इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि आप अपना प्रमाणन कराने के लिए सही फर्म से संपर्क करें।

पहला कदम : अपने प्रमाणन के बारे में जानिए
 

प्रमाणपत्र पाने की दिशा में पहला कदम यह जानना है कि प्रमाणन के लिए किस-किस की जरूरत होगी और यह आपके संगठन को किस तरह प्रभावित करेगा। अकसर प्रमाणन निकाय प्रमाणपत्र पाने वाले संगठन से भिन्न होता है। यह महत्वपूर्ण है कि केवल आधिकारिक रूप से प्राधिकृत प्रमाणन निकाय से ही संपर्क किया जाए।
 
दूसरा कदम : अपनी मौजूदा पद्धति की तुलना अपेक्षाओं से कीजिए

अपनी परियोजना तैयार करने के लिए आपको यह जानने की जरूरत पड़ेगी की मानक की अपेक्षाएं पूरी करने के लिए अपने संगठन में क्या करने की आवश्यकता है। जो अपेक्षाएं आप पहले ही पूरी करते हों, उन्हें चिह्नित कीजिए औऱ जिन्हें पूरा करना शेष हो उनकी सूची बनाइए।

तीसरा कदम :  अपनी परियोजना तैयार कीजिए


जिन अपेक्षाओं को पूरा किया जाना शेष है उनकी सूची तैयार करने के बाद आप अपनी परियोजना तैयार करना शुरू कर सकते हैं। आप प्रमाणन निकाय अथवा अन्य ऐसी संस्थाओं की मदद ले सकते हैं, जो प्रमाणन के लिए मानक हासिल करने में सहयोग करते हैं।

चौथा कदम : अपनी पद्धति को डिजाइन करें और उसे प्रलेखित करें

पांचवा कदम : कर्मचारियों तथा आंतरिक ऑडिट दल को प्रशिक्षित करें

पद्धति का कार्यान्वयन पूरा करने के लिए कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जाना चाहिए। यह प्रशिक्षण उन नई प्रक्रियाओं के विषय में भी होना चाहिए जो लागू की गई हैं और मानक की अपेक्षाओं के बारे में भी होना चाहिए।

छठा कदम : अपना रजिस्ट्रेशन ऑडिट कराइए

कार्यान्वित किए गए नए मानक अपेक्षित स्तर के अनुरूप हैं या नहीं तथा कंपनी का प्रमाणन किया जाना चाहिए या नहीं, इसके लिए रजिस्ट्रेशन ऑडिट निर्णायक कारक होगा। यदि रजिस्ट्रेशन ऑडिट सफल रहता है तो यह प्रमाणपत्र जारी किया जाता है कि कंपनी प्रमाणन के लिए उल्लिखत मानकों को पूरा करती है। इस प्रकार के ऑडिट की आवधिक रूप से पुनरावृत्ति हो सकती है, जो इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनी कौन सा प्रमाणन चाहती है।

प्रमाणन की एक सूची संदर्भ हेतु उपलब्ध कराई गई है। कृपया प्रमाणन प्राधिकारी की वेबसाइट का अवलोकन कर यह अवश्य सुनिश्चित कर लें कि प्रमाणन प्रक्रिया में कोई बदलाव तो नहीं किया गया है।