कार्मिकों को परामर्श देना

अनेक कंपनियों ने परामर्श सेवाओं को अपने संगठनों में एकीकृत कर लिया है और वे इसे अपनी संस्कृति का हिस्सा बना रही हैं। संगठन अपने कर्मचारियों को कर्मचारी परामर्श सेवाएँ प्रदान कर रहे हैं।


जब भी जरूरी होता है, प्रबंधकों की ओर से कर्मचारियों को यह सलाह देने की आवश्यकता पड़ती है कि कथित उद्यम एवं व्यक्तिगत उद्देश्यों को पूरा करते समय कैसे व्यक्तिगत आस्ति को अधितम तथा देयता को न्यूनतम किया जाए। सरल शब्दों में कर्मचारी परामर्श की व्याख्या कर्मचारियों को जीवन के कठिन समय का सामना करने और उससे उबरने में मदद और सहयोग प्रदान करने के रूप में की जा सकती है। जीवन अथवा करियर में अनेक बार लोगों को अपने काम या व्यक्तिगत जीवन में कुछ ऐसी समस्याएँ आती हैं, जिनसे उनका कार्यनिष्पादन प्रभावित होने लगता है और उस व्यक्ति को अधिक तनाव होने लगता है। परामर्श का अर्थ है कर्मचारियों को जरूरत के वक्त मार्गदर्शन देना, सांत्वना देना, सलाह देना, उनकी समस्याओं को सुनना तथा उन्हें सुलझाने में मदद करना।


परामर्श गतिविधियों के लिए संगठन या तो किसी अनुभवी कर्मचारी की या किसी विशेषज्ञ की मदद ले सकते हैं। कर्मचारियों को जो विभिन्न प्रकार के परामर्श दिए जा सकते हैं, उनमें निम्नलिखित शामिल हैं -

 

  • कार्यनिष्पादन परामर्श :  कर्मचारी परामर्श की जरूरत तब पड़ती है जब कर्मचारी के कार्यनिष्पादन में गिरावट, कार्यालय में तनावग्रस्तता, खराब निर्णयन जैसे संकेत दिखाई देते हैं। ऐसी स्थितियों में परामर्श सर्वोत्तम तरीकों में से एक है। इसमें कर्मचारी के कार्यनिष्पादन से संबंधित सभी पहलू शामिल होने चाहिए, जैसे - लक्ष्य, कर्मचारी के उत्तरदायित्व, उसकी समस्याएं, आकांक्षाएं, कार्यस्थल पर अंतर्वैयक्तिक संबंध आदि।
  • व्यक्तिगत तथा पारिवारिक भलाई : अनेक बार कर्मचारी व्यक्तिगत समस्याओं का बोझ अपने कार्यस्थल पर लेकर आते हैं, जिसका असर उनके कार्यनिष्पादन पर पड़ता है। इसलिए परामर्शदाता को कर्मचारियों के साथ कंफर्ट लेवल बनाना पड़ता है और उनके परिवार को शामिल करते हुए परामर्श सत्र चलाकर उनकी समस्याओं को सुलझाने में उनकी मदद की जा सकती है और तब वे अपना कार्यनिष्पादन सुधार सकते हैं।
  • अन्य समस्याएँ : अन्य समस्याएं कार्य और जीवन के बीच संतुलन से लेकर स्वास्थ्य समस्याओं तक कुछ भी हो सकती हैं। परामर्श से समस्या को चिह्नित करने में मदद मिलती है और कर्मचारी स्थिति से बेहतर तरीके से निपट पाते हैं।

 

संदर्भ :
ह्यूमन रिसोर्स क्रॉनिकल, नौकरीहब.कॉम (Naukrihub.com)