वार्तालाप

आपूर्तिकर्ताओं से वार्तालाप माल /सेवाओं के लिए सही सौदा करने हेतु महत्‍वपूर्ण है ।  न्‍यूनतम  संभव मूल्य तय करने या अन्‍य कारकों के लिए वार्तालाप किए जा सकते हैं -  जैसे सुपुर्दगी समय, भुगतान शर्तें, बिक्री पश्‍चात सेवा व गुणवत्‍ता ।

अच्‍छे वार्तालाप हेतु सुझाव

क्रय हेतु महत्‍वपूर्ण घटकों का निर्धारण

वार्तालाप शुरू करने से पहले, उत्पाद क्रय करने हेतु सबसे महत्‍वपूर्ण घटकों की सूची बनाना जरूरी है, अर्थात ऐसे घटक जिनपर कोई समझौता नहीं किया जा सकता । इससे उन क्षेत्रों की पहचान में मदद मिलेगी जिनपर वार्तालाप में समझौता किया जा सकता है या नहीं किया जा सकता ।

उदाहरण के लिए यदि आप एक जटिल सॉफ्टवेयर / उत्पाद खरीद रहे हैं, जिसके लिए पर्याप्त प्रशिक्षण व बिक्री पश्‍चात सहायता जरूरी है, तो आप वार्तालाप के दौरान इसे सौदे में शामिल करने का अनुरोध कर सकते हैं ।

इसी प्रकार, यदि उत्पाद काफी जल्दी चाहिए, तो आप दामों के बारे में ज्‍यादा मोलभाव शायद न कर सकें ।

विक्रेताओं पर अनुसंधान

चयनित विक्रेता के बारे में मूलभूत खोजबीन करने और अक्लमंदीपूर्ण वार्तालाप के माध्यम से बेहतर सौदे में मदद मिल सकती है । इससे विक्रेता के बारे में निम्न बिंदुओं पर जानकारी मिलने में मदद मिलेगी -

  • प्रतिस्पर्धियों की संख्‍या
  • व्‍‍यवसाय में अनुभव
  • ग्राहकों के प्रकार व संख्‍या
  • ग्राहकों को दी गई छूट

यदि विक्रेता के कई प्रतियोगी हों तो आप मूल्यों के लिए बेहतर मोलभाव कर सकते हैं । इसी प्रकार यदि विक्रेता व्‍यवसाय में अपेक्षाकृत नया है, तो आप उससे उसके उन प्रतियोगियों की तुलना में कम दामों के लिए मोलभाव कर सकते हैं, जो लंबे समय से उस क्षेत्र में हों ।

विक्रेता के ग्राहकों के प्रकार और यदि संभव हो, तो उन्हें विक्रेता द्वारा प्रस्‍तावित क्रयमूल्यों के बारे में सूचना एकत्र करना उपयोगी होगा । यदि आप विक्रेता के एक प्रमुखग्राहक हैं, तो आप मूल्यों पर बेहतर मोलभाव कर सकते हैं । इससे ग्राहकों को प्रस्तावित दामों की जानकारी होने से आपको इसमें और मदद मिलेगी ।

वार्तालाप की रणनीति बनाना

माल / सेवाओं के क्रय हेतु सर्वप्रमुख घटकों की सूची बनाने  और विक्रेता के बारे में पर्याप्‍त खोजबीन करने के बाद, आप तदनुसार वार्तालाप की रणनीति तैयार कर सकते हैं ।

अपनी ताकत व कमजोरियों का आकलन करें:  आप अपनी वार्तालाप संबंधी ताकतों का पूरा उपयोग करें (जैसे विक्रेता का महत्‍वपूर्ण  ग्राहक होना, दीर्घावधि संबंधों की संभावना आदि) और यदि कोई कमजोरियां हों तो उनके बारे में सोचें ।

परिस्थितियों की योजना:   विक्रेता जिन विभिन्न स्थितियों के साथ आ सकता है, उनके बारे में कुछ सोचकर रखना उपयोगी होगा । प्रत‍येक स्थिति हेतु, आप उन शतों को मानने के बारे में अपनी इच्छा का आकलन कर सकते हैं । अंतिम वार्तालाप से पहले आप अपनी फर्म हेतु सर्वोत्तम व सबसे खराब स्थितियों के बारे में भी योजना बनाकर रख सकते हैं ।

वार्तालाप की युक्तियों का उपयोग करना

वार्तालाप करते समय निम्न युक्तियां उपयोगी हो सकती हैं :

  • वार्तालाप कर रही टीम के सभी सदस्‍यों को रणनीति का ज्ञान होना चाहिए । वार्तालाप के दौरान उनकी बातों में विरोधाभास नहीं होना चाहिए ।
  • यदि आप कुछ समझौता करना चाहते हों, तो अपनी स्थिति जल‍दी जाहिर न करें ।
  • विक्रेता द्वारा तय सभी नियम व शतों को मानने हेतु दबाव में न आएं । स‍वीकार्य बिंदुओं पर सोचने के लिए समय लें ।
  • पहले प्रस्‍ताव को स्‍वीकार न करें, जबकि उससे कम मूल्य का प्रस्‍ताव अपनी तरफ से दें ।
  • बेहतर मूल्य के सौदे हेतु अपनी मोलभाव ताकत का उपयोग करें ।
  • यदि मूल्य बहुत कम हो, तो गुणवत्‍ता की दृष्टि से विक्रेता की क्षमता की पुन: जांच करें ।
  • यदि उत्पाद में ऐसी अतिरिक्‍त विशेषताएं हों, जो आपको नहीं चाहिए तो इन‍हें हटवाकर दाम कम करने के लिए कहें ।
  • अतिरिक्‍त लागतों जैसे परिवहन, कराधान, मरम्मत आदि का उल्‍लेख करते हुए मूल्‍य घटाने के लिए मोलभाव करने का प्रयास करें ।