आपूर्तिकर्ता प्रबंधन

फर्मों को अपने आपूर्तिकर्ताओं के साथ  मजबूत संबंध रखने चाहिए क्‍योकि इससे व्यवसाय की वृद्धि में सहायता मिलती है । फर्में निम्न तरीके से प्रभावी आपूर्तिकर्ता प्रबंधन सुनिश्चित कर सकती हैं

विक्रेताओं से अच्छे संबंध रखना 

आपूर्तिकर्ताओं से अच्छे संबंध बनाए रखने हेतु फर्में  निम्न युक्तियों का पालन कर सकती हैं

  • बिलों का भुगतान समय पर हो ।
  • यदि भुगतान समय पर न किया जा सके, तो आपूर्तिकर्ता को पहले से विलंब के कारण सूचित करें और भुगतान की तिथि उसे बताएं ।
  • आपूर्तिकर्ता को पर्याप्त लीड समय दें ।
  • यदि माल या  सेवाएं अपे‍क्षानुसार नहीं हों, तो इसकी चर्चा आपूर्तिकर्ता से करें ।
  • अपनी जरूरतों की चर्चा आपूर्तिकर्ता से करें और सुनिश्चित करें कि वे इसे समझे हैं ।
  • आपूर्तिकर्ता को अपनी कंपनी में हुए किसी भी मुख्य बदलाव से अवगत कराएं ।

 

अधिप्राप्ति में तकनीक का उपयोग

तकनीक अधिप्राप्ति में निम्न तरीकों से मदद कर सकती है

  • सूचना व आदेश देने में समयबद्धता
  • आदेश के तीव्रतर कार्यान्वयन
  • बेहतर नियंत्रण
  • अधिक पारदर्शिता
  • अन्य गतिविधियों जैसे उत्पादन, प्रशासन व वित्त का अधिप्राप्ति / क्रय के साथ समन्वय

उक्त के अलावा, अधिप्राप्ति में सूचना प्रोद्योगिकी के उपयोग से बिक्री व आदेशों के बारे में तत्काल रीयल टाइम सूचना का विश्लेषण किया जा सकता है और व्य‍वसाय की समग्र दक्षता बढाई जा सकती है ।

सूचना प्रोद्योगिकी का उपयोग अधिप्राप्ति में साधारण रूप से जैसे मुख्य दस्तावेजों, स्प्रेडशीट आदि को ईमेल करना या सूचना प्रोद्योगिकी समाधानों जैसे एंटरप्राइज संसाधन आयोजना (ईआरपी) एवं ई अधिप्राप्ति चैनलों के माध्यमों से किया जा सकता है ।

 

एंटरप्राइज संसाधन आयोजना
 

एंटरप्राइज संसाधन आयोजना (ईआरपी) एक समेकित कंप्‍यूटर आधारित प्रणाली है, जिसका उपयोग आंतरिक व बाहरी स्रोतों के प्रबंधन में किया जाता है । इनमें मूर्त आस्तियां, वित्तीय स्रोत, सामान व मानव संसाधन शामिल हैं । एक केंद्रीकृत डाटाबेस पर बने और सामान्यत: एक सामूहिक कंप्यूटिंग प्लेटफार्म का उपयोग करने वाली ईआरपी प्रणालियां सभी व्यवसाय परिचालनों में एकसमान व उद्यमवार प्रणाली कार्यशैली में समेकित करती है ।  
 

ईआरपी के बारे में और जानकारी के लिए यहां क्लिक करें ।

 

ई-अधिप्राप्ति

माल व सेवा का इंटरनेट की मदद से खरीदना  ई-अधिप्राप्ति है । इसमें

- क्रय की पूरी प्रक्रिया शामिल है (मालसूची से लेकर माल की प्राप्ति तक)  तथा,

- यह क्रेता व आपूर्तिकर्ता को टेंडर, कैटलॉग, करार, क्रय आदेश, इनवॉइस आदि के इलेक्र्ट्रानिक विनिमय के द्वारा जोड़ती है ।


 

विक्रेता कार्यनिष्पादन की समीक्षा 

विक्रेता कार्यनिष्पादन की समीक्षा  नियमित अंतरालों पर की जानी चाहिए, ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि माल या सेवाओं की अधिप्राप्ति व्यवसाय के लक्ष्यों को प्राप्त करने में प्रभावी है   ;

विक्रेताओं का मूल्यांकन निम्न मानदंडों पर किया जाता है ,  

  • मूल्य
  • गुणवत्ता
  • सुपुर्दगी
  • प्रतिसूचना एवं चर्चाएं 


मूल्य : आपको समीक्षा करनी चाहिए कि क्या आपको उत्पाद व सेवाएं सर्वोत्तम मूल्य व अनुकूल शर्तों पर मिल रही हैं । 


गुणवत्ता : आपको दी गई माल व सेवाओं की गुणवत्ता की समीक्षा करनी चाहिए और इसका मूल्यांकन करना चाहिए कि क्या वे आपकी अपेक्षा पर खरे उतरते हैं ।

सुपुर्दगी : आपको यह समीक्षा करनी चाहिए कि क्या विक्रेता समय पर सुपुर्दगी दे रहे हैं और  किसी तत्काल सुपुर्दगी की जरूरत होने पर क्या वे ऐसा कर पाते हैं ।

प्रतिसूचना : आपको यह देखना चाहिए कि क्या विक्रेता अपने नए उत्पाद/ सेवाएं या मौजूदा उत्पादों/ सेवाओं में बदलाव की चर्चा आपसे करते हैं । साथ ही, आदेशों व प्राप्त भुगतानों के संदर्भ में आपूर्तिकर्ताओं द्वारा दी गई प्रतिसूचना की समीक्षा करें ।

यदि आपूर्तिकर्ता उक्त सभी मानदंडों पर खरे उतर रहे हैं, तो उनके साथ संबंध बनाए रखें अन्यथा किसी भी मुद्दे या चिंताओं की चर्चा विक्रेता से करनी चाहिए ताकि प्रभावी समाधान हो सके । यदि मुद्दे चर्चाओं द्वारा न सुलझाए जा सकते हों, तो आपूर्तिकर्ता के साथ करार को समाप्त करने पर विचार किया जा सकता है । करार समाप्त करने के अन्य कारण भी हो सकते हैं -  जैसे अधिक विश्वसनीय आपूर्तिकर्ता कम मूल्य पर उपलब्ध होना । करार समाप्त करने के पहले, आप आपूर्तिकर्ता को इसके कारणों से अवगत कराएं, ताकि हो सकता है कि वे कम मूल्य या अच्छी गुणवत्ता या दोनों के साथ बेहतर डील दे सकें ।