सिबिल के पास ऋण संबंधी सूचनाएँ

Credit Information with CIBIL

 

वाणिज्यिक ऋण ब्यूरो

वाणिज्यिक ऋण ब्यूरो एक ऐसा संगठन है, जो विभिन्न स्रोतों से ऋण संबंधी सूचनाएँ एकत्र करता है और विभिन्न उपयोगों के लिए वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के बारे में उपभोक्ता ऋण सूचनाएँ उपलब्ध कराता है। यह सूचना-भंडार का रखरखाव करता है, जिसमें वाणिज्यिक उधारकर्ताओं के ऋण संबंधी इतिहास शामिल होता है। इससे ऋणदाताओं को ऋण-सुपात्रता एवं ऋण चुकौती की सामर्थ्य का निर्धारण करने में मदद मिलती है और वह ब्याजदर एवं ऋण की अन्य शर्तें तय कर सकता है। यह ऋण सूचना रिपोर्ट के रूप में सूचनाएँ उपलब्ध कराता है। यह उधारकर्ता के ऋण भुगतान इतिहास के बारे में तथ्यात्मक रिपोर्ट होती है, जिसे विभिन्न ऋण मंजूरकर्ताओं से प्राप्त सूचनाओं से संकलित किया जाता है।


भारत में, सिबिल का वाणिज्यिक ब्यूरो वाणिज्यिक उधारकर्ताओं के ऋण इतिहास की विस्तृत सूचनाओं के आँकड़ा-आधार पर निर्भर करता है। एसएमई को उपलब्ध ऋणों की मात्रा में अधिकाधिक वृद्धि करने की अपनी पहल के अधीन, सिडबी का परियोजना प्रबंध प्रभाग अपनी एसएमई वित्तीयन एवं विकास परियोजना के अधीन सिबिल को सहयोग दे रहा है, जिसका लक्ष्य बैंक की लाभप्रदता में वृद्धि और बाज़ार पहुँच बढ़ाने (सुदृढ़ ऋण निर्णयों के माध्यम से) और गैर-निष्पादक ऋणों में कमी करने (ऋण संबंधी सूचनाओं का उपयोग करते हुए) के साथ, अल्प-भेदित एसएमई क्षेत्र के लिए ऋण प्रवाह सुकर बनाना है।

ऋण सूचना रिपोर्ट (सीआईआर)

इसमें निम्नलिखित सूचनाएँ निहित होती हैं :

  • उधारकर्ता संबंधी सामान्य सूचनाएँ, जैसे :
    • नाम और पता
    • डी-यू-एन-एस® संख्या
    • पहचान संबंधी अन्य संख्याएँ, जैसे – पैन, पंजीकरण संख्या
    • विधिक संघटन
    • संबंधगत विवरण; जैसे प्रमुख शेयरधारक, निदेशक और उनके पते तथा डी-यू-एन-एस® संख्या
    • उधारकर्ता के बारे में की गई पूछताछ की संख्या
  • खाता संबंधी विवरण:
    • ऋण सुविधाओं की संख्या
    • ऋण का स्वरूप
    • ऋण की राशि
    • बकाया राशि
    • आस्ति वर्गीकरण
    • इरादतन चूककर्ता एवं वाद-दायर मामलों की स्थिति
    • गारंटीदाता के विवरण

एमएसएमई के लिए ऋण सूचना रिपोर्ट का महत्त्व

  • साफ-सुथरे ऋण इतिहास से उधारकर्ता की ऋण-सुपात्रता बेहतर हो जाती है।
  • इससे बैंकों, ऋणदाताओं और वित्तीय संस्थाओं में स्वीकार्यता बढ़ती है।
  • इससे सस्ती दर पर और शीघ्रता से ऋण मिलने में मदद मिलती है।
  • इससे संपार्श्विक प्रतिभूति की आवश्यकता में कमी आती है और ऋण की शर्तें सरल हो जाती है।

ऋण रिपोर्ट में सुधार की विधियाँ

  • समय पर चुकौती
  • ऋणों की विलंबित चुकौती / भुगतान न किए जाने संबंधी गलत सूचनाओं में आशोधन। यह कार्य ऋण मंजूरकर्ता से सूचित कर किया जाना चाहिए और ऋण मंजूरकर्ता आगे सिबिल को सूचित करेगा।

अधिक जानकारी के लिए, आप  सिबिल की वेबसाइट देखें।