नकदी प्रवाह प्रबन्धन

Cash Flow Management

नकदी प्रवाह प्रबन्धन

 

प्रत्‍येक व्‍यवसाय में दैनंदिन नकद प्रवाह को बनाए रखने के लिए पर्याप्‍त तरल संसाधनों की आवश्‍यकता होती है । व्‍यापास को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए फर्म को पर्याप्‍त नकदी की आवश्‍यकता होती है , जिससे वे अपनी मजदूरी एवं वेतन और लेनदारों को भुगतान कर सकें । केवल कम अवधि के लिए पर्याप्‍त कार्यशील पूंजी को बनाए रखना ही आवश्‍यक नहीं है बल्कि इसको लम्‍बे समय के लिए बरकरार रखना चाहिए ताकि व्‍यवसाय के अस्तित्‍व को सुनिश्चित किया जा सके । फर्म के पास पर्याप्‍त कार्यशील पूंजी होनी चाहिए, जितनी कि फर्म को आवश्‍यकता है । यह न तो अत्‍यधिक हो और न ही अपर्याप्‍त होनी चाहिए । दोनों ही स्थितियॉं खतरनाक है । अत्‍यधिक कार्यशील पूंजी का मतलब है, कि फर्म के पास निष्क्रिय धन है, जो फर्म के लिए कोई भी लाभ प्रदान नहीं कर‍ रहा । अपर्याप्‍त कार्यशील पूंजी का मतलब है कि फर्म के पास अपने परिचालन को चलाने के लिए पर्याप्‍त निधि / साधन नहीं है ।

नकदी प्रबन्‍धन की बुनियादी प्रक्रिया सरल है

मौजूदा दायित्‍वों को पूरा करने के लिए पर्याप्‍त नकदी को बनाए रखना चाहिए और यदि फालतू / अतिरिक्‍त नकदी है तो लाभप्रद संपत्ति में निवेश करना चाहिए । स्‍वस्‍थ नकदी प्रवाह को सुनिश्चित करने के लिए निम्‍न सुझावों का पालन करे :-

एक स्‍वस्‍थ नकदी प्रवाह बनाए रखने के लिए सुझाव :

 

1     अपने नकदी प्रवाह के इतिहास को समझे

 नकदी प्रवाह में सुधार लाने के लिए पहला कदम है कि अपने नकदी प्रवाह के इतिहास को समझे । इसमें नकदी के आगमन और निगमन के लिए समयबद्धता की आवश्‍यकता है । एक बार जब आपको इसका इतिहास समझ में आ जाए तो आप नकदी निगमन को कम करने और प्राप्तियों को बढ़ाने के लिए कदम उठा सकते हैं ।

2     ग्राहकों के क्रेडिट इतिहास की जॉंच

सबसे पहले ग्राहक के प्रकार, जिसके साथ आप क्रेडिट का विस्‍तार करना चाहते हैं। क्‍या आप एक विशेष क्रेडिट स्‍कोर का सीमांकन करना चाहते हैं । यदि आप संदिग्‍ध क्रेडिट इतिहास या सीमित क्रेडिट स्‍कोर वाले ग्राहकों के साथ क्रेडिट को बढ़ाना चाहते हो तो आपको या तो कोई भी भुगतान देरी से मिलने या कोई भी भुगतान न मिलने का अनुभव होगा । इससे आपका नकदी प्रवाह धीमा होगा और प्राप्ति की लागत में वृद्धि होगी । यदि आपको ग्राहक की भुगतान क्षमता पर संदेह है तो उसे अग्रिम भुगतान करने के लिए कह सकते हैं ।

3     ग्राहकों द्वारा किए गए भुगतान का रिकार्ड रखना

एक विशेष लेखा सॉफ्टवेयर का प्रयोग करते हुए भुगतान का सही रिकार्ड रखें, ताकि जारी किए गए बिलों  और उनके भुगतान का सही रिकार्ड रखा जा सके । ग्राहक द्वारा भुगतान में देरी, यदि कोई हो, नकदी प्रवाह में अड़चन का कारण बन सकता है । सटीक रिकार्ड रखने से इस समस्‍या को हल करने में मदद मिलेगी ।

4     उधार की उपयुक्‍त शर्तों का निर्धारण एवं नकद छूट की पेशकश

सुनिश्चित करें कि आपको ग्राहकों की इस बात की  समझ हो  कि उन्हें अपने बिलों का भुगतान कब तक करना है। अपनी प्राप्तियों की गति में तीव्रता लाने के लिए आप अपने उन ग्राहकों को नकद छूट देना चाहेंगे जोकि समय से पहले भुगतान करते हैं या जो नकद भुगतान करते हैं ।

5     आपूर्तिकर्ता द्वारा दी जाने वाली छूट का लाभ उठाना

अपने बिलों का समय पर भुगतान करें और आपूर्तिकर्ता द्वारा प्रदान की जाने वाली नकद छूट का लाभ उठाऍं । जहॉं तक संभव हो अपनी नकदी को बनाए रखें। अपने बिलों को देय तिथि से हफ्तों पहले न करें और इस नकद शेष को आपूर्तिकर्ता को देने की बजाए स्‍वयं प्रयोग में ला सकते हैं ।

6     जहॉं तक संभव हो व्‍यय पर रोक लगाऍं

आपकी  क्रय प्रणाली पर एक मिला जुल दृष्टिकोण होना चाहिए 1 उदाहरण के लिए आप सभी वस्‍तु नई क्‍यों खरीदना चाहते हैं। पुरानी वस्‍तुओं की खरीद अथवा किराए पर ली गई वस्‍तुओं से नकदी प्रवाह को काफी हद तक बचा सकते है । विशेषकर जब आपका नकदी प्रवाह तंग है, तो आपको वस्‍तुओं की कम मात्रा में खरीद करनी चाहिए । माहवार राजस्‍व कम होने की स्थिति में अपने अनावश्‍यक खर्चे पर रोक लगाएँ । यह नकद बचत आपको आपात काल में सहायक होगी ।

7     अतिरिक्‍त स्टाक से छुटकारा

विशेष रूप से लम्‍बे समय के लिए अतिरिक्‍त स्टाक न होने दे । अतिरिक्‍त भंडारण आपकी लागत को बढ़ाता है । अतिरिक्‍त स्टाक  की स्थिति में इसे चिन्‍हित करें तथा उसका विक्रय कर दें । जितने लम्‍बे समय तक हम बेकार एवं पुराने स्टाक को रखेंगे उसके विक्रय की संभावना कम होती जाएगी और इसको कम कीमत पर बेचना, न बेचने से बेहतर है ।

 

कार्यशील पूंजी और अनुपात विश्‍लेषण

अनुपात विश्‍लेषण एक महत्‍वपूर्ण तकनीक है, इसे फर्म अपनी कार्यशील पूंजी की दक्षता की जॉंच के लिए इस्‍तेमाल कर सकती है । चालू अनुपात एवं त्वरित अनुपात कार्यशील पूंजी प्रबंधन के महत्‍वपूर्ण प्रकार है । चालू अनुपात 2:1 से अधिक होते हैं तथा त्‍वरित अनुपात 1:1 से अधिक कार्यशील पूंजी में अधिकता का संकेत है 1

अवधि भी कार्यशील पूंजी की स्थिति में किन्‍हीं भी समस्‍याओं का संकेत दे सकता है। कुल बिक्री  की अत्‍यधिक अवधि शेयरों और देनदारों के लिए और आपूर्तिकर्ता से कम अवधि  लिए उधार अवधि यह दर्शा सकती है कि देनदारियॉं अनावश्‍यक रूप से ज्‍यादा है अथवा लेनदारियॉं बहुत कम है ।