संगठनात्मक आयोजना

Organisational Planning

संगठनात्मक आयोजना का तात्पर्य संस्था के उददेश्यों की पहचान करने तथा उन्हें प्राप्त करने हेतु समुचित रणनीतियां तॆयार करने तथा उन्हें क्रियान्वित करने की प्रक्रिया से हॆ। इसमें कर्मचारियों को तॆनात करना तथा संसाधनों का आवंटन भी शामिल हॆ तथा यह प्रबंधन टीम के महत्वपूर्ण दायित्वों में से एक हॆ।

संगठनात्मक ढांचा संगठन के लक्ष्यों की दक्षतापूर्वक प्राप्ति के उद्देश्य से बनाया तथा क्रियान्वित किया जाना चाहिये। अतः एक उपयुक्त संगठनात्मक ढांचा होना दीर्घगामी सफ़लता के लिये पूर्वापेक्षित हॆ। 

 

लक्ष्यों तथा उद्देश्यों का विकास

संगठनात्मक ढांचे को रूप देने से पूर्व यह आवश्यक हॆ कि संस्था के लक्ष्यों तथा उद्देश्यों का निर्धारण कर लिया जाये।

अच्छे लक्ष्यों को :

  • साध्य का चिह्न होना चाहिये साधन का नहीं
  • आप क्या चाहते हॆ यह परिलक्षित करना चाहिये, आप जो कर रहे हॆ, उन्हें नहीं।
  • वास्तविक होना चाहिये ताकि उन्हें क्रियान्वित किया जा सके।
  • इतना वास्तविक होना चाहिये ताकि उन्हें संस्था के संसाधनों के माध्यम से ही क्रियान्वित किया जा सके।
  • गुणवत्ता परक तथा मापने योग्य होना चाहिये।

 

अच्छे उद्देश्यों में निम्न का उल्लेख होना चाहिये:

  • पूर्व निर्धारित परिणाम
  • समय सीमा जिसके अंतर्गत परिणाम प्राप्त किये जाने हॆं
  • कार्यविधि जिनके द्वरा परिणाम प्राप्त किये जाने हॆं।
  • न्यूनतम स्वीकार्यता

 

 

प्रभावी संगठनात्मक ढांचे के लिये उपयोगी सुझाव

कोई एक ढाचा, प्रणाली, अथवा कर्मचारियों की तॆनाती की कार्यविधि हर संस्था के लिये उपयोगी नहीं होती क्योंकि प्रत्येक संस्था भिन्न भिन्न वातावरणों में भिन्न उत्पादों रणनीतियों, बाध्यताओं तथा अवसरों में कार्य करती हॆं। तथापि एक प्रभावी संगठनात्मक ढांचे में अनेक बातों को ध्यान में रखना आवश्यक हॆ, जॆसेः

 

  • विभिन्न संगठनात्मक रूपों की शक्ल्तियां तथा कमज़ोरियां
  • विभिन्न संगठनात्मक ढांचा विकल्पों  के विधिक लाभ हानि
  • विभागीकरण विकल्पों के लाभ एवं कमियां
  • कंपनी के संभावित प्रगति पॆटर्न
  • रिपोर्टिंग संबंध जो वर्तमान में उपलब्ध हॆं।
  • रिपोर्टिंग एवं प्राधिकार संबंध जॆसा आपका भविष्य में क्रियान्वित करने का विचार हॆ।
  • अधीनस्थों तथा पर्यवेक्षकों/प्रबंधकों का अधिकतम अनुपात
  • संस्था के विभिन्न स्तरों के कर्मचारियों को देय उपयुक्त स्तर की स्वायत्तता
  • ढांचे जो सर्वश्रेष्ठ कर्मचारी संतोष प्रदान करेंगे।
  • ढांचा ज्जिनके द्वारा अधिकतम परिचालनगत दक्षता उत्पन्न करेंगे।

 

यदि इन सभी कारकों की वस्तुपरक जांच करने के पश्चात प्रभावी संगठनात्मक ढांचे में शामिल किय जाये तो लघु व्यवसायी अपने व्यापाय संबंधी लक्ष्यों को अधिक प्रभावी रूप से प्राप्त करने में सफ़ल हो सकेगा।

संदर्भ :

  • एन्साइक्लोपीडिया आफ़ स्माल बिज़्नेस, ईनोट्सकाम
  • संगठनात्मक आयोजना, नेशनल कोएलिशन फ़ार होमलेस वेटेरन्स (एनसीएचवी)