निर्यातक कैसे बनें

How To Become an Exporter

निर्यातक कैसे बनें

1. बाजारों की पहचान 

किसी निर्यातक के लिए पहला कदम यह है कि वह निर्यातयोग्‍य माल के लिए बाजार की पहचान करने हेतु अंतरराष्‍ट्रीय बाजारों का सर्वे करे । निर्यातक को एक व्‍यापार डाटा विश्‍लेषण करना जरूरी है ताकि यह पता चल सके कि किस बाजार से मांग आ रही है ।


2. विनियमों व प्रक्रियाओं की समझ


भारतीय व्‍यापार परिप्रेक्ष्‍य के अतिरिक्‍त, निर्यातक को भारत के द्विपक्षीय संबंधों एवं उसकी रुचि के बाजारों के साथ किए गए करारों की समझ होनी आवश्‍यक है । निर्यातकों को अपनी रुचि के बाजारों में किसी व्‍यापार अवरोधों या व्‍यापार विनियमों से परिचित होना चाहिए ।

चुने गए बाजार के गुणवत्‍ता मानकों एवं अन्‍य विशिष्‍टताओं का पालन करना अनिवार्य है । इसे अंतरराष्‍ट्रीय प्रमाणन निकायों के अतिरिक्‍त, भारतीय मानक ब्‍यूरों या एगमार्क, जो भी लागू हो, में नियत मानकों का भी पालन करना होगा ।

3. निर्यात आदेश मिलना 

निर्यात आदेश मिलने के लिए अपने व्‍यवसाय का प्रचार जरूरी है । अपने व्‍यवसाय को प्रचारित करने के संबंध में अधिक जानकारी हेतु कृपया बाजार अभिव्‍यक्ति खंड को पढ़ें । आप सरकार से भी सहायता ले सकते हैं, जो भारत से निर्यात बढाने हेतु निर्यातकों को सक्रिय रूप से मदद करती है । निर्यात संगठनों के बारे में अधिक जानकारी हेतु, निर्यात सहायता खंड को पढ़ें ।

4. आईई कोड लेना 

अगला कदम विदेश व्‍यापार महानिदेशक (डीजीएफटी) में पंजीकरण एवं आयातक निर्यातक कोड नंबर (आईईकोड) लेना है । आईई कोड एक अद्वितीय 10 अंकों का कोड है, जो डीजीएफटी द्वारा भारतीय कंपनियों को जारी किया  जाता है । भारत से आयात या‍ निर्यात करने हेतु यह एक अनिवार्य आवश्‍यकता है ।  निर्यातकों को, निर्यात माल की क्लियरेंस हेतु शिपिंग बिल प्रस्‍तुत करने से पूर्व,  डीजीएफटी से पैन आधारित व्‍यवसाय पहचान संख्‍या (बीआईएन) भी प्राप्‍त करना होता है ।
आईई कोड लेने की प्रक्रिया इस प्रकार है :-

 

  • डीजीएफटी के नीति परिपत्र सं 15 (RE-2006)/2004-2009 दिनांक 27 जुलाई, 2006 में दी गई पात्रता शर्तों एवं कानूनी प्रावधानों की जांच करें ।
  •  आवेदक के पंजीकृत या प्रधान कार्यालय से आयात निर्यात फार्म एएनएफ2ए में परिशिष्‍ट 18 ए सहित आवेदन, डीजीएफटी के निकटतम क्षेत्रीय कार्यालय में किया जाना चाहिए ।
  • रु 250/- का आवेदन शुल्‍क मांग ड्राफ्ट या नामित बैंक में एनईएफटी के माध्‍यम से जमा किया जाना होता है ।  
  • एक पैन नंबर के लिए केवल एक आईई कोड जारी किया जाता है ।   
  • किसी आवेदक को आवंटित आईईसी नंबर उसकी सभी शाखाओं /प्रभागों /इकाइयों /फैक्‍टरियों के लिए वैध होता है । 

अपने व्‍यवसाय हेतु आईईसी नंबर लेने हेतु, विदेश व्‍यापार महानिदेशक से संपर्क करें ।

5. निर्यात लाइसेंस लेना 

निर्यात लाइसेंस, केवल उन मदों के लिए अपेक्षित हैं, जो आईटीसी (एचएस) के  आयात निर्यात मदों के वर्गीकरण में दिए गए हैं । ऐसी मदों हेतु निर्यात लाइसेंस का आवेदन डीजीएफटी को दिया जाना चाहिए । निर्यात आयुक्‍त की अध्‍यक्षता वाली निर्यात लाइसेंसिंग समिति ऐसे आवेदनों पर गुणात्‍मक आधार पर निर्यात लाइसेंस जारी करने पर विचार करती है ।

विशेष केमिकलों, ऑर्गेनिज्‍म, सामानों, उपकरणों एवं तकनीकों (स्‍कोमेट) को एक लाइसेंस के तहत अनुमति दी जाती है या इसपर पूर्ण प्रतिबंध होता है । स्‍कोमेट मदों के‍ निर्यात हेतु दिशानिर्देशों हेतु यहां क्लिक करें । 

6. शिपिंग बिल की प्रक्रिया 

In case of export by sea or air, the exporter must submit the 'Shipping Bill', and in case of export by road he must submit 'Bill of Export' in the prescribed form containing the prescribed details such as the name of the exporter, consignee, invoice number, details of packing, description of goods, quantity, FOB value, etc. Along with the Shipping Bill, other documents such as copy of packing list, invoices, export contract, letter of credit, etc. are also to be submitted. There are 5 types of shipping bills:-

 


निर्यात बिल हैं  :-

 

 
निर्यातक शिपिंग बिल की स्थिति ऑनलाइन जांच कर सकते हैं ।

7. ‘लेट एक्‍सपोर्टआदेश 

डॉक पर माल मिलने के बाद, निर्यातक निर्दिष्‍ट कस्‍टम्‍स अधिकारी से संपर्क कर उसे बंदरगाह प्राधिकारी के पृष्‍ठांकन वाली जांचसूची व मूल दस्‍तावेजों सहित अन्‍य घोषणाएं दे सकता है । कस्‍टम्‍स अधिकारी वास्‍तव में प्राप्‍त माल की संख्‍या सत्‍यापित कर सकते हैं और उसके बाद इलेक्‍ट्रानिक शिपिंग बिल चिह्नित कर सकते हैं एवं साथ ही मूल दस्‍तावेज डॉक मूल्‍यांकक को हस्‍तांतरित कर सकते हैं, जो माल की जांच हेतु एक कस्‍टम्‍स अधिकारी नियुक्‍त करेगा । यदि डॉक मूल्‍यांकक संतुष्‍ट है कि सिस्‍टम में दर्ज विवरण, मूल दस्‍तावेज में दिए गए विवरण के समान हैं, तो वह शिपमेंट को लेट एक्‍सपोर्टआदेश जारी कर सकता है ।