प्राइवेट लिमिटेड कंपनी

 

प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को न्यूनतम 2 और अधिकतम 50 सदस्यों के ऐसे स्वैच्छिक संगठन के रूप में परिभाषित किया जाता है, जिसकी देयता सीमित होती है, जिसके शेयरों का हस्तांतरण सीमित होता है और जिसे अपने शेयरों अथवा डिबेंचरों में अभिदान करने के लिए सामान्य जनता को आमंत्रित करने की अनुमति नहीं होती। प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं :

  • स्वतंत्र विधिक अस्तित्व

  • गठन और परिचालन कम बोझिल होता है क्योंकि इसे ऐसे अनेक नियमों तथा विनियमों से छूट मिली होती है, जिनका पालन करना पब्लिक लिमिटेड कंपनी के लिए आवश्यक होता है। उनमें से कुछ निम्नलिखित हैं:

    • स्वतंत्र विधिक अस्तित्व

    • प्रॉस्पेक्टस दाखिल करने की जरूरत नहीं

    • कारोबार शुरू करने के लिए प्रमाणपत्र प्राप्त करने की जरूरत नहीं।

    • सांविधिक साधारण बैठक आयोजित करने तथा सांविधिक रिपोर्ट दाखिल करने की जरूरत नहीं

    • पब्लिक लिमिटेड कंपनी के निदेशकों पर लागू प्रतिबंध इसके निदेशकों पर लागू नहीं होते।

 

  • इसके सदस्यों की देयता सीमित होती है। 

  • आवंटित शेय़र सदस्यों के बीच स्वतंत्र रूप से अंतरणीय नहीं होते।
     

  • सतत अस्तित्व
     

  • पंजीकृत कार्यालय और नाम की आवश्यकता 

  • संस्था के अंतर्नियम औऱ संस्था के बहिर्नियम हस्ताक्षरित रूप में होने आवश्यक


 

अधिक जानकारी के लिए पढ़ें - हाउ टु इनकार्पोरेट योर बिजनेस
 

लाभ

हानि

सतत अस्तित्व

शेयर स्वतंत्र रूप से हस्तातंरणीय नहीं

सीमित देयता

शेयरों में अभिदान के लिए सामान्य जनता को आमंत्रित करने की इजाजत नहीं

कम वैधानिक प्रतिबंध

 

 

उपयुक्तता : जो लोग सीमित देयता का लाभ उठाना चाहते हैं पर साथ ही कारोबार पर नियंत्रण सीमित दायरे में ही रखना चाहते हैं और अपने कारोबार की निजता बनाए रखना चाहते हैं, उनके लिए यह स्वरूप उपयुक्त है।