पूंजीगत बजट

Capital Budgeting

कई छोटे व्‍यवसायियों के लिए नियमित व्‍यवसाय संबंधी भुगतान जैसे मजदूरी और उपयोगी बिलों का भुगतान करने के लिए सीमित बजट प्रक्रिया होती है । छोटे व्‍यवसायियों को अक्‍सर छोटी और बड़ी वित्तीय योजनाऍं बनाने के लिए अपनी दैनंदिन गतिविधियों से समय निकालना कठिन लगता है । लेकिन वित्‍तीय योजना में नाकाम रहने का मतलब हो सकता है कि आप अनजाने में असफल योजना बना रहे हैं ।

छोटे व्‍यवसायियों के लिए व्‍यवसाय बजट सबसे शक्तिशली हथियार है । एक अच्‍छी छोटी और लंबे समय के लिए लंबी देर की वित्‍तीय योजना में आपके नकदी प्रवाह को नियंत्रित करने में सक्षम होती है । सबसे प्रभावी वित्‍तीय बजट  छोटी अवधि की अर्थात एक-एक माह की योजना और एक-एक तिमाही की अर्थात दीर्घावधि योजना एक कलैण्डर वर्ष की वित्‍तीय विवरणी में शामिल की जाती है।

दीर्घावधि योजना में तिमाही आधार पर या वार्षिक आधार पर 3 वर्ष कवर किए जा सकते हैं ( कुछ में पाँच वर्ष भी होते हैं) जब छोटी अवधि की योजना बनाई जाती हैं, तो लम्‍बी अवधि की योजनाएँ अद्यतन की जानी चाहिए ।

 

आपका बजट क्‍या है :-

कई वित्‍तीय बजट केवल आय विवरणी के लिए एक योजना बनाते हैं, तथापि यह आय विवरणी तथा तुलन पत्र दोनों के लिए महत्‍वपूर्ण है । यह  न केवल आपके आय और व्‍यय बल्कि आपके समग्र परिचालन के लिए संभावित नकदी प्रवाह की आवश्यकता को ध्यान में रखता है । उदाहरण के लिए यदि आप पहले ही कुछ वर्षों से व्‍यवसाय में हो और अपने व्‍यवसाय में नए उत्‍पाद को जोड़ना चा‍हते हो, तो आपको नकदी प्रवाह और स्‍टॉक सूची पर पड़ने वाले प्रभाव पर विचार करने की आवश्‍यकता होगी ।

बजट में आय के विवरण मात्र से संभाव्‍य पूंजीगत खर्चों पर आपकी वित्‍तीय स्थिति का का पूरा विश्‍लेषण नहीं हो पाता । उदाहरण के तौर पर यदि आप अपने परिचालन के लिए कोई संपदा खरीदने की योजना बना रहे हैं तो आपको ऐसे बजट की आवश्‍यकता होगी जोकि नकद प्रवाह पर ऋण की देयताओं का प्रभाव दिखा सके । भविष्‍य में बजट भी आपकी संभावित सुविधाओं के विस्‍तार में सहायक हो सकता है, जिसके परिणामस्‍वरूप आप अधिक किराया भुगतान या ऋण सेवा के विस्तार के संभावित प्रभावों का निर्धारण कर सकते हैं।

 

आप बजट कैसे बनाते हो :

आरंभिक चरण में आपको अपने व्‍यवसाय में अपने बजट को स्‍थापित करने में एक उचित धारणा बनानी होगी । आपको व्‍यवसाय पर विभिन्‍न पहलुओं पर बहुत से प्रश्‍न पूछने की आवश्‍यकता होगी जैसे :

  • एक साल में कितना माल बेचा जा सकता है
  • आने वाले वर्षों में बिक्री के उपरान्‍त कितना कमाएंगे
  • आप जो उत्‍पाद एवं सेवाऍं प्रदान कर रहे हैं, उनकी कीमतें क्‍या होंगी
  • जो उत्‍पाद आपने प्रस्‍तुत किया है, उसकी कीमत क्‍या होगी और कितनी स्‍टॉक सूची की आवश्‍यकता है
  • आपके परिचालन खर्चे क्‍या होंगे ।
  • आपको कितने कर्मचारियों की आवश्‍यकता होगी और आप उनको कितना भुगतान करेंगे  और अपने आप कितना भुगतान करेंगे । आप उनको क्‍या अनुलाभ देंगे । आपके वेतन भुगतान के हिसाब-किताब और करों को क्‍या होगा ।
  • आयकर की दर क्‍या होगी ।
  • आपको किन सुविधाओं की आवश्‍यकता रहेगी । और इन सुविधाओं के लिए आप कितना किराया और ऋण सेवाऍं खर्च करेंगे ।
  • अपने व्‍यवसाय को आरम्‍भ करने के लिए आपको किन उपकरणों की आवश्‍यकता होगी । और उनकी कीमत क्‍या रहेगी और आगामी वर्षों में क्‍या आपको अतिरिक्‍त उपकरणों की आवश्‍यकता रहेगी ।
  • यदि आप उधार देते हैं, तो ग्राहकों को कौन सी भुगतान शर्तों की पेशकश करेंगे । और आपके आपूर्तिकर्ता आपको कौन सी भुगतान शर्तों की अनुपालना के लिए कहेंगे ।
  • आपको कितना उधार लेने की आवश्‍यकता है । आपका संपार्शिविक क्‍या होगा और ब्‍याज दर क्‍या रहेगी ।