पर्यावरण

घरों, व्यवसायों, तथा यातायात के विभिन्न साधनों में ऊर्जा के दक्षतापूर्ण उपयोग से ऊर्जा दक्षता को प्राप्त किया जा सकता हॆ।

इसके लिये जीवाश्म ईंधन के द्वारा उत्पन्न ऊर्जा के समान ऊर्जा-स्तर उपलब्ध कराने हेतु ऊर्जा स्रोतों का न्यूनतम प्रयोग किया जाना आवश्यक हॆ।

मुख्य तॊर पर जीवाश्म ईंधनों जॆसे कोयला, कच्चा तेल, तथा प्राकृतिक गॆस का उपयोग विद्युत उत्पादन हेतु किया जाता हॆ जिसका आगे उपयोग प्रकाश, तापन/शीतन तथा ऒद्योगिक उत्पादन हेतु किया जाता हॆ जोकि ग्रीनहाउस गॆसों (जीएचजी) यथा कार्बनडायआक्साइड, मीथेन, इत्यादि उत्सर्जित करते हॆ।

जीएचजी के  हनिकारक प्रभाव पर्यावरण तथा सामान्य जीवन पर पड़ते हॆं तथा इसी कारणवश जीएचजी उत्सर्जन में कमी लाने हेतु ऊर्जा दक्ष कार्यविधियों को भारत सहित विश्व भर में अपनाया गया हॆ।

यह भी कहा जाता हॆ कि ऊर्जा दक्ष कार्यविधियों के प्रयोग से घरों, वाणिज्यिक तथा ऒद्योगिक संस्थाओं मॆं प्रयुक्त विभिन्न उपकरणों की उत्पादकता भी बढती हॆ।