नवोन्मेषों का वाणिज्यीकरण

सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को अपने व्यवसाय में नवोन्मेषिता लाने के लिए विशेष रूप से जाना जाता है। किन्तु इनको संपोषित, वर्द्धित और लोकप्रिय कम ही बनाया जाता है। इस तरह के नवोन्मेषकर्ताओं में अपने नवोन्मेषों का पेटेन्ट कराने की जरूरत के बारे में जागरूकता की भी कमी होती है। साथ ही, लगातार बनी रहनेवाली वित्तीय समस्याएं उत्पाद विकास और वाणिज्यीकरण की संभावना को सीमित करती हैं। इसके अलावा ऐसी नवोन्मेषिता की और बढ़नेवाले लघु उद्यम जिसे वे असेंबली लाइन उत्पाद में परिवर्तित कर सकें, आम तौर पर भली भांति तैयार किए गए तकनीकी दस्तावेजों तक पहुँचने में कठिनाई अनुभव करते हैं। साथ ही, वाणिज्यिक दृष्टि से व्यवहार्य नवोन्मेषों की पहचान करने और उनकी तुलना करने में खोज की लागत अधिक होती है।


भारत में संगठनात्मक नेटवर्क जैसे नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन(एनआईएफ), ग्रासरूट्स इनोवेशन्स ऑगमेंटेशन नेटवर्क (गियान)  और सोसायटी फॉर रिसर्च एंड इनीशिएटिव्स फॉर सस्टेनेबल टेक्नोलॉजीज एंड इन्स्टीट्यूशन्स (सृस्टि) ने कुछ अन्य संस्थाओं औल व्यक्तियों के साथ मिलकर Hoहनीबी नेटवर्क बनाया हुआ है। ये संगठन साथ-साथ काम करते हैं और नवोन्मेषों के वाणिज्यीकरण से संबंधित विभिन्न गतिविधियों में शामिल हैं, जैसे:
 

  • वाणिज्यिक रूप से व्यवहार्य और सामाजिक रूप से उपयोगी नवोन्मेषों का पता लगाना और उनका प्रलेखन
  • नवोन्मेषकर्ता को प्रौद्योगिकी, डिजाइन और प्रबंधन इनपुट प्रदान करना
  • पेटेंट, ट्रेडमार्क, कॉपीराइट और/अथवा किसी अन्य रक्षात्मक प्रणाली के लिए आवेदन में मदद के ज़रिए बौद्धिक संपदा का संरक्षण
  • व्यवसाय विकास और वित्त की व्यवस्था
  • सूचना का प्रसार और नवोन्मेष का वाणिज्यीकरण

 
राष्ट्रीय नवोन्मेषिता निधि  (एनआईएफ) – भारत को नवोन्मेषी बनाना

अहमदाबाद बाद-स्थित एनआईएफ की स्थापना विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने 2000 में की। इसका मुख्य उद्देश्य आधारभूत स्तर के शुरुआती नवोन्मेषों का पता लगाना, उनका पोषण करना और उनको आगे बढ़ाना तथा उनको आत्म-निर्भर गतिविधियों की ओर बढ़ने में मदद करना था। एनआईएफ सात अन्य संस्थाओं के साथ वैश्विक हनी बी नेटवर्क का हिस्सा है, जो स्थानीय नवोन्मेषों को बढ़ावा देने और पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण में जुटा है। महत्त्वपूर्ण यह है कि एनआईएफ आधारभूत स्तर के नवोन्मेषकों द्वारा किए गए नवोन्मेषों के वाणिज्यीकरण में मदद करता है। एमएसएमई अपने नवोन्मेषों के संपोषण और परिमाण-वृद्धि, दोनों के लिए  और अपनी निर्मितियों के लिए खरीददार पाने के लिए एनआईएफ से जुड़ सकते हैं


एनआईएफ की गतिविधियों के बारे में तथा यह जानने के लिए कि कैसे एनआईएफ की गतिविधियाँ और नवोन्मेषकर्ता व उद्यमी इन सेवाओं का लाभ पा सकते हैं आगे पढ़ें।

 

मैं नवोन्मेषकर्ता हूँ

 क्या एनआईएफ मुझे पेटेंट फाइल करने में मदद कर सकता है?

हाँ। सर्वप्रथम नवोन्मेष को एक गैर-सहायता-प्राप्त शुरुआती आधारभूत नवोन्मेष के रूप में एनआईएफ के राष्ट्रीय रजिस्टर में स्वीकार और पंजीकृत होना होता है। यह हो जाने के बाद, प्रौद्योगिकी के गुणावगुण के आधार पर पेटेंट फाइल कर दिया जाता है। यथातिथि, एनआईएफ ने भारत में 244, अमेरिका में 07 और पीसीटी के अंतर्गत 01 पेटेंट आवेदन फाइल किया है।

एनआईएफ के बौद्धिक संपदा प्रबंधन के बारे में जानने और फाइल किए जा चुके पेटेंट्स की सूची तथा गियान के पेटेन्ट सहायता कक्ष (पीएसी) तथा पेटेन्ट फाइल करने के तरीके के बारे में के लिए यहां क्लिक करें

 

मैं प्रलेखन कैसे तैयार करूँ?

एनआईएफ के राष्ट्रीय रजिस्टर में पंजीकरण में समस्त प्रौद्योगिकी का प्रलेखन शामिल होता है, पेटेंटों की सूचना संकलित करने का आधार है। अन्य अपरेक्षाएँ एनआईएफ द्वारा संबंधित नवोन्मेषकर्ता को मामला दर मामला बताई जाएँगी।

एनआईएफ नवोन्मेषी प्रौद्योगिकियों का पता कैसे लगाता है और उनका प्रलेखन कैसे करता है, यह जानने के लिए यहाँ क्लिक करें ।.

 

क्या एनआईएफ मेरी प्रौद्योगिकी के वाणिज्यीकरण/ खरीददार खोजने में मेरी मदद कर सकता है? आप सूचना का प्रचार-प्रसार कैसे करते हैं ?

हाँ, एनआईएफ आधारभूत प्रौद्योगिकियों के लिए मुख्यतया लाइसेन्सी/खरीददार खोजता है, जो एनआईएफ की वेबसाइट, इन्टरनेट की अन्य साइटों पर मुफ्त एक्सपोजर, और मीडिया प्रचार, प्रदर्शनियों, कार्यशालाओं आदि के माध्यम से होता है।

एनआईएफ नवोन्मेषों की जानकारी का प्रचार-प्रसार कैसे करता है, यह जानने के लिए यहां क्लिक करें

 

क्या एनआईएफ मेरे नवोन्मेष के संपोषण में मेरी मदद कर सकता है? क्या मैं एनआईएफ से मूल्य-वर्द्धन की आशा कर सकती हूँ?

एनआईएफ संभावित नवोन्मेषों को विभिन्न संपोषण गतिविधियों जैसे आदिरूप विकास, नवोन्मेष का परीक्षण, डिजाइन ऑप्टिमाइजेशन और संकल्पना-प्रूफ मॉडल का विकास आदि के लिए तकनीकी और वित्तीय सहायता प्रदान करता है।

आगे और अनुसंधान व  विकास करने तथा मूल्य वर्द्धन के लिए एनआईएफ आपकी मदद कैसे कर सकता है यह जानने के लिए यहाँ क्लिक करें।

 

संपोषण की प्रक्रिया

 

 

स्रोत :गियान

एनआईएफ को सिडबी से सूक्ष्म उद्यम नवोन्मेष निधि (एमवीआईएफ) के रूप में 4 करोड़ रुपये की निधि मिली है, जिसका उपयोग ऐसे नवोन्मेषों को सहायता देने के लिए करना है जिनमें बाजार संभाव्यता है और जिनसे चुकौती की उम्मीद की जा सकती है। यह निधि एनआईएफ को ऐसे उद्यमियों व कंपनियों की सहायता में भी सक्षम बनाती है जो इन नवोन्मेषों में निवेश करने के इच्छुक हैं। आम तौर पर यह नवोन्मेषन और ज्ञान-आधारित सूक्षम-उद्यमों के लिए वित्त का साधन प्रदान करता है, जिनको अन्य जोखिम पूँजी निधियों और वित्तीय संस्थाओं द्वारा कोई प्राथमिकता नहीं दी जाती।

सिडबी से साझेदारी में स्थापित सूक्ष्म उद्यम नवोन्मेष निधि (एमवीआईएफ) के बारे में और पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें। 

एनआईएफ किन संगठनों के साथ सहयोग करता है?

इस उद्देश्य हेतु एनआईएफ ने वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर), भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) तथा अन्य विभिन्न संस्थाओं के साथ समझौते किए हैं, ताकि बकाया निवेशों और पारंपरिक ज्ञान में मूल्य-वर्द्धन किया जा सके और उपयोगी उत्पाद बनाए जा सकें तथा ऐसे लाभों में हिस्सा बँटाया जा सके जो उनके संभावित वाणिज्यीकरण से पैदा हो सकते हैं। संपोषण के लिए एनआईएफ निजी प्रयोगशालाओं और डिजाइन स्टुडियो की मदद भी लेता है।

एनआईएफ के सहयोगकर्ताओं की सूची देखने के लिए यहाँ क्लिक करें।

मैं आपसे कैसे संपर्क करूँ और नवोन्मेषन से मौद्रिक लाभ प्राप्त करने में कितना समय लगता है?

एनआईएफ गैर सहायता-प्राप्त प्रौद्योगिकीय नवोन्मेषों और व्यक्तियों अथवा समूहों द्वारा विकसित पारंपरिक ज्ञान की प्रविष्टियाँ प्राप्त करता है। इन समूहों में किसान, शिल्पकार, मछुआरे और महिलाएं, मलिन बस्तियों के निवासी, कारखानों के मिस्त्री, विद्यार्थी, स्थानीय समुदाय आदि शामिल हैं। नवोन्मेष मशीनों, औजारों अथवा कृषि परिचालनों की प्रक्रियाओं में, घरेलू उपयोग, परिवहन, ऊर्जा परिरक्षण अथवा उत्पादन, शारीरिक श्रम में कटौती, संयंत्र के प्रकारों के विकास, मानवीय/पशु स्वास्थ्य के लिए जड़ी-बूटी के विकास अथवा कम लागत वाले किसी अन्य टिकाऊ शुरुआती प्रौद्योगिकी में हो सकता है। इनको गैर सहायताप्राप्त/ गैर पर्यवेक्षित तथा अपनी खुद की रचनात्मकता का परिणाम होना चाहिए, जिसमें किसी बाहरी एजेंसी से तकनीकी सहायता न ली गई हो। नवोन्मेषी प्रौद्योगिकियों के लिए ऐसे रचनात्मक विचार भी एनआईएफ को भेजे जा सकते हैं जिनको आदि रूप में विकसित न किया गया हो। नवोन्मेषकर्ता एनआईएफ से निम्नलिखित पते पर संपर्क कर सकते हैं:

राष्ट्रीय नवोन्मेष निधि- भारत
सैटलाइट कॉम्प्लेक्स, मानसी टावर के सामने
सैटलाइट एरिया, अहमदाबाद- 380015
फोन. 079-26732095/2456
फैक्स  079-26731903
ई-मेल info@nifindia.org
वेब www.nif.org.in

 लाभ का उठाया जाना प्रौद्योगिकी के गुणावगुण और संपोषण चक्र की अवधि पर निर्भर करेगा, जो प्रौद्योगिकी के प्रकार पर निर्भर है। 

क्या मैं उद्यमी बन सकती हूँ ? क्या आप ऋण दिलाने में मेरी मदद करेंगे ?

नवोन्मेषकर्ता- उद्यमी को एनआईएफ के सूक्ष्म उद्यम नवोन्मेष निधि (एमवीआईएफ) से उद्यम सहायता दी जाती है। आधारभूत स्तर के नवोन्मेष तथा पारंपरिक ज्ञान के लिए समर्पित उच्च जोखिम निधि की स्थापना करने संबंधी एनआईएफ के प्रयास तब फलीभूत हुए, जब अक्तूबर 2003 में सिडबी की मदद से एनवीआईएफ की स्थापना की गई। शुरुआत से लेकर अब तक एमवीआईएफ के अंतर्गत 168 परियोजनाएं मंजूर की जा चुकी हैं जो संपोषण के विभिन्न चरणों में हैं।

मैं एक उद्यमी हूँ

क्या किसी नवोन्मेष के वाणिज्यीकरण के लिए एनआईएफ लाइसेन्स दे सकता है?

हाँ। एनआईएफ इच्छुक पक्षकारों को नवोन्मेषों के लाइसेन्स प्रदान करता है। एनआईएफ से 50 से अधिक प्रौद्योगिकियों को उद्यम आरंभ करने के लिए लाइसेन्स दिए हैं, जो भारत स्थित अत्यन्त लघु से सूक्ष्म और मध्यम स्तर की कंपनियाँ हैं और जिनको विभिन्न उत्पादों के लिए पूरी दुनिया से बड़ी संख्या में अनुरोध प्राप्त हुए हैं। ये अनुरोध या तो प्रौद्योगिकी अंतरण के हैं, जिनमें ऐकांतिक/गैर-ऐकांतिक विपणन/विनिर्माण अधिकार हैं अथवा नवोन्मेषी उत्पादों की सामान्य खरीद के अनुरोध हैं।

एनआईएफ द्वारा फैसिलिटेट किए गए लाइसेन्सों की सूची देखने के लिए यहाँ क्लिक करें।

 जो दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे उनकी एक सूची मुझे दें।

जब तक कि इच्छुक उद्यमी अथवा व्यवसायिक व्यक्ति किसी गैर कानूनी गतिविधि में शामिल न हो, तब तक आरंभिक संविदा के समय प्रस्तुत किए जानेवाले दस्तावेजों के बारे में कोई पक्का और निश्चित नियम नहीं है। लाइसेन्स की बातचीत के परवर्ती हिस्से में जो भी दस्तावेज एनआईएफ को आवश्यक लगेगा, उसकी सूचना संबंधित पक्ष को दी जाएगी। 

मुझे कितना शुल्क चुकाना होगा ? क्या वे निबंधन व शर्तें बताएँ जिनका मुझे अनुपालन करना होगा।

आम तौर पर नवोन्मेषकर्ता की क्षतिपूर्ति का भुगतान डाउन पेमेंट आधार पर करार के समय किया जाता है और रॉयल्टी बिक्री के समय दी जाती है, जो कई घटकों के अधिन होती है, जैसे ऐकांतिकता/ गैर-ऐकांतिकता आदि। एक बार जब संबंधित पक्षों यानी लाइसेंसकर्ता और एनआईएफ की मध्यस्थता वाले नवोन्मेषकर्ता के बीच सहमति बन जाती है तब एक बाध्यताकारी करार तैयार कर लिया जाता है, जिसपर सभी पक्षों के हस्ताक्षर होते हैं। इस करार में लाइसेंसिंग के सभी निबंधन व शर्तें होती हैं।

 क्या मैं उत्पाद-सूची देख सकती हूँ ? क्या मैं प्रौद्योगिकी नवोन्मेष का वीडियो प्रदर्शन देख सकती हूँ?

उत्पाद-सूचियाँ यहाँ देखी जा सकती हैं। यदि वेबसाइट पर किसी प्रौद्योगिकी सूची अथवा वीडियो को न डाला गया हो तो उसके संबंध में एनआईएफ से विशेष अनुरोध भी किया जा सकता है। कुछ बुनियादी प्रौद्योगिकियों के वीडियो यू-ट्यूब पर भी डाले गए हैं।

मैं नवोन्मेषकर्ता की क्षतिपूर्ति कैसे करूँ? धन उसके पास तक किस माध्यम से पहुँचेगा?

यह एनआईएफ के माध्यम से होता है। एक बार लाइसेंसिंग का करार कर लिए जाने के बाद नवोन्मेषकर्ता को क्षतिपूर्ति प्रत्यक्ष अथवा एनआईएफ के माध्यम से अप्रत्यक्ष रूप में की जा सकती है। किन्तु एनआईएफ और नवोन्मेषकर्ता को आवधिक स्थिति रिपोर्टें उपलब्ध कराई जाएँगी।