स्थायी लेखा संख्या


स्थायी खाता संख्या (पैन) दस अंकोंवाली अक्षरांकीय संख्या है, जो एक लैमिनेटेड कार्ड के रूप में आयकर विभाग द्वारा किसी "व्यक्ति" को जारी की जाती है जो उसके लिए आवेदन करता है या आवेदन पत्र के बिना भी विभाग द्वारा आवंटित की जाती है.

              पैन विभाग को "व्यक्ति" के सभी लेनदेन विभाग के साथ लिंक करने में सक्षम बनाता है.

इन लेन - देन में कर भुगतान, टीडीएस / टीसीएस क्रेडिट, आय / धन /  उपहार /एफबीटी के रिटर्न, निर्दिष्ट लेनदेन, पत्राचार, और आदि शामिल हैं. इस तरह से पैन, आयकर विभाग के साथ "व्यक्ति" के लिए एक पहचानकर्ता के रूप में कार्य करता है.

पैन की शुरुआत विभिन्न दस्तावेजों को जोड़ने की सुविधा के रूप में की गई थी, जिसमें किसी एक निर्धारिती से संबंधित करों के भुगतान, कर निर्धारण , कर मांग, कर बकाया आदि शामिल हैं . जिससे निर्धारिती से संबंधित जानकारी की आसान पुनर्प्राप्ति हो और करदाताओं के निवेश, ऋण लेने व अन्य व्यापार गतिविधियों से संबंधित जानकारी के मिलान में सुविधा हो . यह जानकारी विभिन्न स्रोतों, आंतरिक व बाह्य दोनों के माध्यमों से एकत्र की जाती हैं  ताकि कर की चोरी/ अपवंचन का पता लगाया जा सके व उसे रोका जा सके और कर के आधार को विस्तृत बनाया जा सके.

          निम्नलिखित वित्तीय लेनदेन से संबंधित सभी दस्तावेजों में पैन उद्धृत करना अनिवार्य है: -

1. पांच लाख रुपए या उससे अधिक मूल्य की किसी अचल संपत्ति की बिक्री या खरीद;
2. किसी मोटर वाहन या वाहन की बिक्री या खरीद,( मोटर वाहन या वाहन की बिक्री या खरीद में दुपहिया वाहनों  या ऐसे वाहनों जिनमें अतिरिक्त पहियेवाली वियोज्य साइड कार लगी हो, को शामिल नहीं किया जाता).
3. एक बार में किसी बैंकिंग कंपनी में एकसाथ पचास हजार रुपये से अधिक जमा;
4. एक बार में डाकघर बचत बैंक के किसी खाते में एकसाथ पचास हजार रुपये से अधिक जमा;

5. प्रतिभूतियों की बिक्री या खरीद के लिए एक लाख रुपये से अधिक मूल्य के अनुबंध;
6. बैंक में खाता खोलने;
7. टेलीफोन कनेक्शन (सेलुलर टेलीफोन कनेक्शन सहित) की स्थापना के लिए आवेदन करने;
8. एक समय पर किसी होटल या रेस्तरां के बिलों के प्रति पच्चीस हजार रुपए से अधिक राशि का भुगतान;
9. एक ही दिन में बैंक ड्राफ्ट या भुगतान आदेश या बैंकर चैक की खरीद के लिए नकद रूप में कुल पचास हजार रुपए या उससे अधिक राशि का भुगतान;
10. एक ही दिन में किसी बैंक में नकद रूप में कुल पचास हजार रुपए या उससे अधिक राशि जमा कराना;
11. एक बार में विदेशी यात्रा के संबंध में नकद रूप में पच्चीस हजार रुपए से अधिक राशि के भुगतान.

किसके पास पैन अवश्य होना चाहिए?


1. सभी मौजूदा निर्धारिती या करदाता या व्यक्ति जो आय की विवरणी प्रस्तुत करते हैं, चाहे वे दूसरों की ओर से ही आय की विवरणी प्रस्तुत करते हों , उन्हें पैन प्राप्त करना आवश्यक होगा.
2. किसी भी व्यवसाय या पेशे वाले व्यक्ति , जिनकी कुल बिक्री , कारोबार या सकल प्राप्तियों के किसी पिछले वर्ष में पांच लाख रुपए से अधिक होने की संभावना है;
3. किसी भी व्यक्ति के लिए, जो ऐसे वित्तीय लेन - देन करने का इरादा रखता है जिसमें पैन उद्धृत करना अनिवार्य है, भी पैन प्राप्त करना आवश्यक होगा.                               

4. निर्धारण अधिकारी किसी व्यक्ति को स्वयं या उस व्यक्ति के अनुरोध पर उसे पैन आवंटित कर सकते हैं.
 

पैन के लिए कैसे आवेदन करें?


पैन आवेदन फॉर्म 49A में ही किया जाना चाहिए. पैन आवेदन (49A प्रपत्र) आयकर विभाग या एनएसडीएल की वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है (www.incometaxindia.gov.in, http://www.utiisl.co.in  या tin-nsdl.com) UTIISL या स्थानीय प्रिंटर द्वारा मुद्रित या फोटोकॉपी (ए 4 आकार के 70 जीएसएम के कागज पर) या किसी अन्य स्रोत से प्राप्त किया जा सकता है. यह प्रपत्र आईटी पैन सेवा केन्द्रों और टिन सुविधा केंद्रों पर भी उपलब्ध है.