सेवा कर


जैसा कि नाम से ही पता चलता है,  सेवा कर, सेवाओं पर ​​एक तरह का कर है. यह कर वित्त अधिनियम, 1994 के तहत केन्द्रीय सरकार द्वारा निर्दिष्ट कुछ सेवाओं के लेन-देन पर लगाया गया है.


 यह एक अप्रत्यक्ष कर है (उत्पाद शुल्क या बिक्री कर के सदृश), जिसका अर्थ है कि सामान्य रूप से, सेवा प्रदाता कर देता है और कर योग्य सेवाओं के प्राप्तकर्ता से उस राशि की वसूली करता है.
 

सेवा कर का भुगतान करने के लिए कौन उत्तरदायी होता है?


आम तौर पर, वह व्यक्ति जो सेवा शुल्क की प्राप्ति पर कर योग्य सेवा प्रदान करता है वह सरकार को सेवा कर के भुगतान के लिए जिम्मेदार है.


हालांकि, निम्नलिखित स्थितियों में, सेवा का प्राप्तकर्ता सेवा कर के भुगतान के लिए जिम्मेदार होता है:


(i) यदि ऐसे विदेशी सेवा प्रदाताओं द्वारा सेवा कर योग्य सेवाएं प्रदान की जाती हैं, जिनका भारत में कोई प्रतिष्ठान नहीं है तो भारत में ऐसी सेवाओं के प्राप्तकर्ता सेवा कर का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी हैं.


(ii) किसी बीमा एजेंट द्वारा दी गई बीमा सहायक सेवाओं के संबंध में बीमा कंपनी द्वारा सेवा कर का भुगतान किया जाएगा .

 (iii) यदि परेषक या परेषिती निम्नलिखित सात श्रेणियों में से किसी के अंतर्गत आता है तो,
सड़क द्वारा माल परिवहन एजेंसी द्वारा उपलब्ध कराई गई कर योग्य सेवाओं के लिए,  जो व्यक्ति माल ढुलाई का भुगतान करता है या माल ढुलाई का भुगतान करने के लिए जिम्मेदार है वही सेवा कर का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होता है:

क. कारखाना
ख. कंपनी
ग. निगम
घ. सोसायटी
च. सहकारी सोसायटी
छ. उत्पाद शुल्क योग्य वस्तुओं के पंजीकृत डीलर
ज. निगमित निकाय या साझेदारी फर्म


(iv) म्युचुअल फंड के वितरण के संबंध में म्युचुअल फंड वितरक द्वारा प्रदान की गई कर योग्य सेवाओं के लिए सेवा कर का भुगतान, ऐसी सेवा प्राप्त करनेवाले म्युचुअल फंड या एसेट मैनेजमेंट कंपनी द्वारा किया जाता है.


 वर्तमान में, सेवा कर की प्रभावी दर, कर योग्य सेवा के मूल्य की 10.3% है. इस प्रभावी दर में, कर योग्य सेवा के सकल मूल्य पर देय 10% की दर से सेवा कर शामिल है तथा सेवा कर राशि पर 2% शिक्षा उपकर और सेवा कर राशि पर 1% माध्यमिक और उच्च शिक्षा उपकर शामिल हैं.

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