मूल्य वर्धित कर (वैट)

 

  • वैट एक मल्टी पॉइंट डेस्टीनेशन आधारित कर व्यवस्था है, जिसमें उत्पादन / वितरण श्रंखला के प्रत्येक चरण में मूल्यवर्धन पर कर लगाया जाता
  • मूल्यवर्धन शब्द का आशय उत्पादन या वस्तु और सेवाओं के उत्पादन और अंतरण के प्रत्येक चरण में वस्तुओं और सेवाओं के मूल्य में वृद्धि से है।
  • वैट वस्तुओं या सेवाओं के अंतिम उपभोग पर कर है और अंततः उसे उपभोक्ता द्वारा वहन किया जाता है।

राज्य सरकारें कराधान विभागों के माध्यम से अपने अपने राज्यों में वैट लगाने और संगृहीत करने का दायित्व निभा रही हैं, जबकि केंद्र सरकार वैट के सफल कार्यान्वयन के लिए एक सुगमकर्ता की भूमिका निभा रही है।

इनपुट टैक्स क्रेडिट सहित वैट की संपूर्ण डिजाइन विशेष रूप से कर बीजक, कैशमीमो अथवा बिल के प्रलेखन पर आधारित है। प्रत्येक पंजीकृत डीलर, जिसका बिक्री का कुल कारोबार एक निर्दिष्ट राशि से अधिक हो, के लिए जरूरी है कि वह खरीददार को विनिर्दिष्ट विवरणों के साथ क्रमांकित कर बीजक जारी करे। इस कर बीजक पर डीलर अथवा उसके नियमित कर्मचारी के तारीख सहित हस्ताक्षर होने चाहिए और उसमें विनिर्दिष्ट विवरण होना चाहिए। वैट के अंतर्गत डीलरों की पहचान / पंजीकरण के लिए करदाता पहचान संख्या (टिन) का इस्तेमाल किया जाता है। देश भर में टिन 11 अंकों का होता है। इसके पहले दो कैरेक्टर राज्य कोड दर्शाते हैं और अगले 9 कैरेक्टरों का ढाँचा अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग हो सकता है।

  1. वैट के पंजीकरण के लिए आवेदन राज्य संबंधी बिक्री कर विभाग में अथवा इलेक्ट्रॉनिक रूप से संबंधित वेबसाइट पर प्रस्तुत किया जाएगा।
  2. भरा हुआ आवेदन पत्र ऑन लाइन प्रस्तुत कर दिए जाने के बाद एक पावती तैयार होती है, जिस पर पंजीकरण प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत होने की तारीख और समय और पंजीकरण प्राधिकारी का कोड/पदनाम तथा पता अंकित होता है।
  3. कंपनी को भरे हुए ई-आवेदन का प्रिंट लेकर उसे पावती और संबंधित दस्तावेजों के साथ, पंजीकरण प्राधिकारी को, सत्यापन और फोटो प्रमाणन हेतु, दी गई तारीख और समय पर प्रस्तुत करना चाहिए।
  4. यदि आवेदन सही है और सभी दृष्टियों से पूर्ण तथा संबंधित दस्तावजों सहित है, तो पंजीकरण प्राधिकारी दस्तावेजों के सत्यापन के बाद टिन जनरेट करेगा
  5. पंजीकरण प्रमाणपत्र प्रिंट कर नियत तारीख को कंपनी को जारी किया जाएगा। सामान्यतः नियत तारीख अगले 10 दिन में रहती है।


साथ प्रस्तुत किए जाने वाले अन्य दस्तावेजों में निम्नलिखित शामिल हैं :

  1. संस्था के अंतर्नियमों तथा बहिर्नियमों की प्रमाणित सत्य प्रतिलिपि
  2. स्थायी आवासीय पते का प्रमाण निम्नलिखित दस्तावेजों में से कम से कम  2 प्रस्तुत किए जाने चाहिए : पासपोर्ट की प्रति, ड्राइविंग लाइसेन्स की प्रति, चुनाव फोटो पहचान पत्र की प्रति, संपत्ति कार्ड की प्रति अथवा नगर निगम की संपत्ति कर की नवीनतम रसीद, अदा किए गए नवीनतम बिजली बिल, जो आवेदक के नाम पर हो, की प्रति
  3. व्यवसाय के स्थान का प्रमाण (मालिक के लिए, चलते हुए कारोबार के मामले में): परिसर के स्वामित्व का प्रमाण अर्थात संपत्ति कार्ड अथवा स्वामित्व विलेख अथवा बिल्डर के साथ करार अथवा अन्य किसी संबंधित दस्तावेज की प्रति आवेदक का पासपोर्ट आकार का एक नवीनतम फोटो
  4. पैन युक्त आयकर निर्धारण आदेश की प्रति अथवा पैन कार्ड की प्रति
  5. फॉर्म सं. 210 में चालान (मूल प्रति) जो स्वैच्छिक आरसी के मामले में रु.5000/- तथा अन्य मामलों में रु.500/-  का भुगतान दर्शाता हो।