व्यवसाय कर

भारत में व्यवसाय कर राज्य स्तर पर लगाया जाता है। भारत में निम्नलिखित राज्य व्यवसाय कर लगाते हैं - कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, गुजरात तथा मध्य प्रदेश।

व्यवसाय कर अधिनियम की धारा 5 के अनुसार, प्रत्येक नियोजक ( जो सरकारी अधिकारी नहीं है) कर अदा करने हेतु दायी है और वह विनिर्दिष्ट प्राधिकारी से पंजीकरण प्रमाणपत्र प्राप्त करेगा। व्यवसाय मालिक, काम करने वाले व्यक्ति, व्यापारी तथा विभिन्न व्यवसाय करने वाले लोग इस कर के दायरे में आते हैं।

प्रति वर्ष देय अधिकतम राशि रु. 2400/- है और आपके वेतन के अनुसार, पूर्व निर्धारित स्लैब हैं।

कंपनी के लिए यह आवश्यक होता है कि वह राज्य विशिष्ट पंजीकरण प्राधिकारी को आवेदन करे।

व्यवसाय के स्वरूप के अनुसार, आवेदन निम्नलिखित दस्तावेजों से पुष्ट होना चाहिए  पते का प्रमाण

  1. भारतीय कंपनी अधिनियम (1956) के अंतर्गत कंपनी के पंजीकरण नंबर का ब्योरा
  2. प्रधान कार्यालय का ब्योरा (यदि कंपनी राज्य से बाहर पंजीकृत कंपनी की एक शाखा है)
  3. कंपनी विलेख
  4. किसी अन्य अधिनियम के अंतर्गत प्रमाण