ऋण स्वीकृति के बाद

परियोजना का अनुवर्तनसंवितरण-पूर्व अवस्था वित्तीय सहायता की मंजूरी का आशयपत्र कतिपय शर्तों के साथ जारी किया जाता है। जब आपकी कंपनी निदेशक मंडल के संकल्प के माध्यम से बिना किसी शर्त के आशयपत्र स्वीकार करती है, तो यथास्थिति लागू सहायता की शर्तों के अनुसार निम्नलिखित दस्तावेज़ निष्पादित किए जाने की ज़रूरत होती है।

  • ऋणदाता और उधारकर्ता के बीच संविदागत संबंध को सुनिश्चित रूप देने के लिए उनके बीच ऋण करार का निष्पादन
  • दृष्टिबंधक विलेख
  • शेयरधारिता न बेचने का वचनपत्र
  • अधिवृद्धि /कमी के लिए वचनपत्र
  • गारंटी विलेख
  • शेयर दस्तावेज़ों की गिरवी
  • अंतरिम प्रतिभूति के सृजन के लिए संबंधित कंपनी रजिस्ट्रार के पास दृष्टिबंधक विलेख के संबंध में फ़ॉर्म 8 व 13 का पंजीकरण   

अंतिम रूप से प्रतिभूति का सृजनआपकी कंपनी को निम्नलिखित दस्तावेज़ प्रस्तुत करने होंगे :

  • स्वत्व विलेख
  • समरूप /प्राथमिक प्रभार छोड़ने के लिए मौजूदा प्रतिभूत लेनदारों से अनापत्ति प्रमाणपत्र
  • यदि आवश्यक हो, तो पट्टाधारित भूमि के बंधक के लिए पट्टादाता की अनुमति
  • यदि आवश्यक हों, तो बंधक सृजित करने के लिए सांविधिक अनुमतियाँ

मंजूर सहायता का संवितरण

  • आपकी कंपनी को परियोजना की प्रगति और आवश्यक निधियों की जानकारी देते हुए, ऋण के आहरण के लिए आवेदन करना होगा।  
  • चूँकि अंतिम रूप से प्रतिभूति सृजन होने में समय लगता है, अत: विधिक दस्तावेज़ों के निष्पादन के बाद बैंक /संस्थाएँ संवितरण संबंधी अनुरोधों पर विचार कर लेती हैं, ताकि परियोजना के क्रियान्वयन में देरी न हो।  
  • आपकी कंपनी को निर्धारित प्रवर्तक अंशदान लाना होगा और संबंधित निधियों के उपयोग के साथ-साथ उसके संबंध में सनदी लेखाकार का प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा।
  • प्रमाणपत्र के आधार पर, बैंक /संस्थाएँ सामान्यत: समानुपातिक संवितरण पर विचार करती हैं। बैंक /संस्थाएँ संवितरण से पहले परियोजना में न्यूनतम प्रवर्तक अंशदान लगाए जाने पर ज़ोर दे सकती हैं।
  • सहायता के संवितरण से पहले बैंक अधिकारी प्रगति की जाँच के लिए कार्यस्थल का दौरा करते हैं और बैंक खाते की जाँच-पड़ताल करते हैं।
  • प्रत्येक संवितरण के समय बैंक प्रतिभूति सृजन की प्रगति की समीक्षा करता है।

 संवितरण-पश्चात् अवस्था क्रियान्वयन अवधि और परिचालन-पश्चात् अवधि के दौरान ऋणदाता बैंक /संस्था परियोजना की निगरानी करते हैं। ऋणदाता निम्नलिखित के लिए ज़ोर दे सकता है :

  • आवधिक प्रगति रिपोर्टें
  • बैंक /संस्था के अधिकारी द्वारा कार्यस्थल का दौरा
  • प्रगति का निश्चय करने के लिए कंपनी के मुख्य कार्यपालक /वरिष्ठ कार्यपालकों के साथ आवधिक वार्ता /चर्चा
  • आपकी कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट
  • आपकी कंपनी के निदेशक मंडल में बैंक /संस्था के नामिती की नियुक्ति
  • आपके नाम और बैंक /संस्था के साथ संयुक्त रूप से आपकी कंपनी की आस्तियों का बीमा

परियोजना का अनुवर्तन मूलत: इस उद्देश्य के साथ किया जाता है कि अभिप्रेत प्रयोजन के लिए मंजूर सहायता का अंतिम उपयोग सुनिश्चित किया जा सके और मंजूरी की शर्तों के अनुसार समय से सहायता की चुकौती हो सके।